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प्रयाग कुभ मेला 2019 के लोगो पर,इलाहाबाद के डीएम ने दिया यह निर्देश…

कुम्भ मेले के लोगो के लेकर, डीएम ने दिया बड़ा निर्देश

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कुम्भ मेला प्रयाग

इलाहाबाद महा कुभ अर्धकुंभ और माघ मेले को दिव्य और भव्य मेला बनाने में जुटी योगी सरकार और उनके अफसर भी कोई कसर नही छोड़ रहे है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुंभ मेले की ब्रांडिंग दुनिया में इस तरह कराने में जुटे हैं। कि कुंभ मेले से उत्तर प्रदेश की पहचान दुनिया में स्थापित हो।और उत्तर प्रदेश के नाम से हिंदुस्तान गौरवान्वित महसूस करें। जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार का पर्यटन विभाग भी अपनी पूरी जोर-आजमाइश कर रहे है। बीते दिनों राज भवन में राज्यपाल राम नाईक मुख्यमंत्री योगी सहित उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्यदिनेश शर्मा पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कुंभ 2019 का लोगो जारी किया।

संगम की रेती पर महीने भर लगने वाला माघ मेला धर्म और आस्था के साथ संस्कृति के प्रति विश्वास के लिए जाना जाता है। जिसको एक नया आयाम देने में जुटी योगी की सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। हर 6 बरस पर अर्धकुंभ और 12 वर्षों पर महाकुंभ का आयोजन प्रयाग में होता है। लेकिन आगामी अर्धकुंभ को योगी की सरकार महाकुंभ जैसा भव्य दिव्य बनाने में लगी है। जिसके लिए प्रचार प्रसार करने के लिए वेबसाइट से लेकर गीत संगीत के माध्यम से देशभर में प्रयाग की महत्ता और दुनिया को आकर्षित करने का प्रयास चल रहा है। हलाकि सदियों से लग रहे इस मेले को किसी ब्रांडिंग की जरूरत नहीं है। लेकिन सरकार कुंभ के आयोजन से उत्तर प्रदेश को दिखाने में जुटी है।

इसी क्रम में इलाहाबाद जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण निर्णय करते हुए ।कुंभ की ब्रांडिंग करने के लिए जहां एक तरफ सभी कार्यालयों में, कार्यालय भवनों एवम कक्षो में कुम्भ का लोगो अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश प्रशासन द्वारा दिये गए है। उसी क्रम में एक बड़ी पहल जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने इलाहाबाद के सभी सिनेमाघरों में शो शुरू होने से पूर्व तथा मध्य में यह लोगो को प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। सभी सिनेमाघरों में शो शुरू होने के पूर्व लोगो कुछ देर के लिए प्रदर्शित किया जायेगा।बता दे कि हिंदू धर्म मैं सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व इसी माघ माह में होते हैं। सनातन धर्म के अनुसार माघ मेले में कल्पवास करना पुण्य कार्य माना जाता है। आदि शंकराचार्य द्वारा प्रयाग उज्जैन नासिक और हरिद्वार में कुंभ की शुरुआत की गई थी। इनमें से प्रत्येक स्थानों पर हर 12 वर्षों पर महाकुंभ वर्षा वर्षा पर अर्ध कुंभ का आयोजन होता है। बीते दिनों यूनेस्को ने कुंभ नगरी प्रयाग में लगने वाले मेले को विश्व सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता देते हुए 21वीं सदी में धर्म की इस नगरी का मान बढ़ाया है।