13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

काशी विश्वनाथ धाम में प्लास्टिक मुक्त अभियान, दुकानदारों को मिली बांस की टोकरी और स्टील लोटा

वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंदिर प्रशासन ने इस पवित्र धाम को पूरी तरह प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए एक अभियान शुरू किया है।

2 min read
Google source verification
दुकानदारों को मिली बांस की टोकरी

दुकानदारों को मिली बांस की टोकरी

वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ धाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंदिर प्रशासन ने इस पवित्र धाम को पूरी तरह प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। इसके तहत जहां भक्तों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं अब दुकानदारों को भी इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है।

 दुकानदारों को प्लास्टिक की जगह बांस की टोकरी 

गुरुवार को मंदिर परिसर में फूल-माला बेचने वाले दुकानदारों को प्लास्टिक की जगह बांस की टोकरी और स्टील के लोटे वितरित किए गए। यह पहल पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने और मंदिर परिसर को स्वच्छ रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी से लगा दी रोक 

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक नीलकंठ तिवारी, पार्षद कनकलता तिवारी और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मंदिर प्रशासन की इस पहल की सराहना की और दुकानदारों से सहयोग की अपील की। मुख्य कार्यपालक अधिकारी और एसडीएम श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बताया गया कि दिसंबर 2024 में हुई न्यास परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि 11 अगस्त 2025 से मंदिर परिसर में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। इसमें दूध के पात्र, प्लास्टिक की टोकरी और प्लास्टिक के लोटे शामिल हैं।

मंदिर प्रशासन ने भक्तों से की अपील

यह अभियान 11 जुलाई से सावन महीने की शुरुआत के साथ शुरू हो गया था और लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से भी अपील की है कि वे स्वेच्छा से इस अभियान का हिस्सा बनें और काशी को स्वच्छ, सुरक्षित और प्लास्टिक मुक्त बनाने में सहयोग करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा और श्री काशी विश्वनाथ धाम की पवित्रता को बनाए रखना है।