13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रयागराज में भांग की सरकारी दुकान से बिक रहा था गांजा, 150 किलो बरामद, सेल्समैन गिरफ्तार

Prayagraj crime: प्रयागराज में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन अगरबत्ती’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने फूलपुर क्षेत्र स्थित एक भांग दुकान पर छापेमारी कर वहां कार्यरत सेल्समैन ओम प्रकाश केसरवानी को गिरफ्तार किया है।

2 min read
Google source verification

Prayagraj: प्रयागराज में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन अगरबत्ती’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने फूलपुर क्षेत्र स्थित एक भांग दुकान पर छापेमारी कर वहां कार्यरत सेल्समैन ओम प्रकाश केसरवानी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 150 किलोग्राम गांजा बरामद किया है।

गंगानगर जोन के डीसीपी कुलदीप सिंह गुणावत और एडीसीपी पुष्कर वर्मा ने बुधवार शाम पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ओम प्रकाश, बाबूगंज की भांग दुकान में लंबे समय से सेल्समैन के रूप में काम कर रहा था। इसी दौरान वह कुछ लोगों की मदद से गांजा की पुड़िया बनाकर गुप्त रूप से बेचने का धंधा कर रहा था।

जानकारी मिलने पर फूलपुर पुलिस और नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने दुकान पर छापा मारा, जहां से ओम प्रकाश को गांजा की पुड़िया के साथ पकड़ा गया। बाद में उसकी जानकारी पर एक स्थान से डेढ़ कुंतल से ज्यादा गांजा बरामद किया गया।

जांच में सामने आया है कि ओम प्रकाश बिहार के दहरी टाउन, बिगहा निवासी सुनील कुमार चंद्रवंशी से 5,000 रुपये प्रति किलो की दर से गांजा खरीदता था और उसे पांच ग्राम की पुड़िया बनाकर 60 रुपये में बेचता था। पुलिस के अनुसार, सुनील फिलहाल फरार है और उसकी तलाश के लिए टीम भेजी गई है।

डीसीपी ने बताया कि ओम प्रकाश पर पहले भी 2017 और 2020 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। उसके बैंक खाते में करीब आठ लाख रुपये की रकम पाई गई है, जिसे सीज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। साथ ही, भांग दुकान के लाइसेंस को रद्द कराने के लिए आबकारी विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है।

पुलिस का कहना है कि गांजा की बिक्री में शामिल अन्य बिचौलियों की भी पहचान की जा रही है। इससे पहले भी हंडिया क्षेत्र में भांग दुकान के सेल्समैन को गांजा के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे स्पष्ट होता है कि भांग दुकानों की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी की जा रही है।