
जनपद न्यायालय के अधिवक्ता अखिलेश शुक्ला पर 17 नवंबर की रात सलोरी इलाके में ठेकेदार से हुए विवाद के बाद जानलेवा हमला हुआ था। हमलावरों ने लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और राइफल के बट से उनके सिर पर प्रहार किया। गंभीर रूप से घायल अखिलेश को लखनऊ ले जाया गया जहां इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर उनकी मौत हो गई।
अधिवक्ताओं ने उनकी याद में शोक सभा आयोजित की और इसके बाद पूर्व एसएसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। अधिवक्ता सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और अधिवक्ता समुदाय की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।
कुछ वकीलों ने अखिलेश शुक्ला का पार्थिव शरीर कचहरी में लाने की मांग की लेकिन सहमति नहीं बन सकी। उनके अंतिम संस्कार के लिए शव मजार चौराहे से रसूलाबाद घाट ले जाया गया। डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
सलोरी में गंगेश्वरनाथ मंदिर के पास 17 नवंबर की रात एक ठेकेदार से विवाद के बाद अखिलेश शुक्ला पर जानलेवा हमला हुआ था। हमलावरों ने लाठी-डंडेऔर राइफल की बट से अधिवक्ता के सिर पर मारा था। अखिलेश का बीते चार दिन से लखनऊ के अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार को दोपहर में इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। अब तक पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
Published on:
22 Nov 2024 06:45 pm
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