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जिलाधिकारी ने प्रयागराज की सबसे बड़ी अस्पताल का किया निरीक्षण, अनुपस्थित डॉक्टरों का वेतन रोका, कार्रवाई के भी आदेश

प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल जानने के लिए जिले के सबसे बड़ी स्वरूप रानी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जहां का हाल देखकर वह दंग रह गए। और लापरवाही पर चिकित्सकों सहित अन्य कई के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।

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Prayagraj: प्रयागराज के स्वरूपरानी चिकित्सालय में बदइंतजामी और लापरवाही पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई। औचक निरीक्षण में कई डॉक्टर और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले। डीएम ने तुरंत एक दिन का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि जो भी अनाधिकृत अनुपस्थित रहेगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।

इमरजेंसी वार्ड में खामियां, शिकायत पेटी में मिला कूड़ा

निरीक्षण की शुरुआत इमरजेंसी वार्ड से हुई। यहां डॉ. राजेश कुमार ड्यूटी पर मौजूद मिले, लेकिन डॉ. सत्य प्रकाश नदारद रहे। रिसेप्शन पर रखी शिकायत पेटी तक को गंभीरता से नहीं लिया गया था। पेटी कूड़े से भरी पाई गई और उसमें एक शिकायत पत्र भी मिला जिसमें डायलिसिस सेंटर में बाहर से दवाएं मंगाने की शिकायत दर्ज थी। डीएम ने आदेश दिया कि शिकायत पेटियां हर अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और तहसील में लगें और हर 15 दिन पर खोलकर उस पर कार्रवाई हो।

जांच कक्षों और मशीनों पर भी उठे सवाल

एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और पैथोलॉजी की मशीनों की जांच की गई। सीटी स्कैन कक्ष में बुधवार को 50 जांच हुई थी और आज सुबह 9 बजे तक 18 हो चुकी थीं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जांच रिपोर्ट समय से दी जाए और सभी शुल्क स्पष्ट रूप से बाहर चस्पा हों। उन्होंने मरीजों से सीधे बात कर उनकी समस्याएं जानीं।

ओपीडी और वार्डों में लापरवाही

सर्जरी ओपीडी में टूटी कुर्सी, गंदगी और अव्यवस्था देखकर डीएम ने फटकार लगाई। एक मरीज ने बताया कि अल्ट्रासाउंड की डेट एक महीने बाद दी गई है। इस पर डीएम ने प्रिंसिपल को तुरंत अल्ट्रासाउंड मशीनों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए।

टीम निरीक्षण में भी धड़ाधड़ गड़बड़ियां

सीडीओ हर्षिका सिंह और अन्य अधिकारियों ने अलग-अलग वार्डों व विभागों का निरीक्षण किया। दंत, मेडिसिन, ईएनटी, आर्थोपेडिक, मनोचिकित्सा और टीबी विभाग में डॉक्टर अनुपस्थित मिले। दवा भंडार में भी दवाओं की उपलब्धता और रिकॉर्ड में अंतर पकड़ा गया। प्रसूति वार्ड और शिशु वार्ड में भी जिम्मेदार डॉक्टर मौजूद नहीं थे। एसी तक नहीं लगा था और मशीनें खराब पाई गईं।

पुरानी बिल्डिंग में हालत और खराब

अपर जिलाधिकारी नजूल ने पुरानी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। वहां अल्ट्रासाउंड कक्ष 8:45 बजे तक बंद मिला, एक्स-रे कक्ष खुला था पर स्टाफ गायब। एमआरआई और अल्ट्रासाउंड की डेट महीनों बाद की दी जा रही थी और रिकॉर्ड भी सही नहीं था। कई स्टाफ बिना ड्रेस कोड के और देर से पहुंचे।

डीएम का सख्त संदेश

निरीक्षण के बाद डीएम ने कहा अनुपस्थित डॉक्टर-कर्मचारियों पर कार्रवाई तय है। अस्पताल में साफ-सफाई, पेयजल और मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बाहर से दवाएं लिखने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने साफ चेतावनी दी है कि अब अस्पतालों की लापरवाही नहीं चलेगी। मरीजों को हर हाल में बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलेंगी।