
Prayagraj News: यूपी के प्रयागराज में स्थित एसआरएन अस्पताल की एक महिला चिकित्सक ने गजब ही कर डाला। एक स्त्री का अपरेश करते हुए उन्होंने उसके पेट में ही काटन का स्पंज छोड़ दिया। जिससे उसकी जान सांसत में फंस गई, और उसे दोबारा आपरेशन कराना पड़ा।
प्रतापगढ़ जिले के जमेठी कुंडा की रहने वाली रन्नो देवी पत्नी सज्जन प्रजापति ने आरोप लगाया कि उनको प्रसव पीड़ा होने के दौरान उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। रन्नो अस्पताल में ही लगभाग 24 दिनों तक आपरेशन करने वाली चिकित्सक सौम्या सक्सेना की देखरेख में थीं। आपरेशन के बाद भी रन्नो के पेट में दर्द बना रहा। डाक्टर ने उन्हें बताया कि गैस की वजह से पेट में दर्द हो रहा है।
कई दिनों तक सुधार नहीं हुआ तो वहां से डिस्चार्ज होकर उन्होंने एक निजि अस्पताल में जांच कराई। तब जाकर पता चला कि पेट में काटन का स्पंज पड़ा है।
निजि अस्पताल में कराया इलाज
रन्नो के पेट का दर्द जाने का नाम नहीं ले रहा था। जिसके बाद रन्नो के परिजनों ने उसे एक निजि अस्पताल में दिखाया। जहां उसका अल्ट्रासाउंड के अलावा अन्य जांचे की गईं। जिसमें पता चला कि पेट में काटन का स्पंज छूटा है। जिसे आपरेशन करके निकालना पड़ेगा। हुआ भी वही कि दोबारा आपरेशन हुआ और तब रन्नों की जान बच सकी।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
रन्नो ने महिला चिकित्सक सौम्या सक्सेना की इस लापरवाही से हुई तकलीफों को लेकर कई अधिकरियों से शिकायत की। किसी ने नहीं सुना तो उसने न्यायालय की शरण ली और फिर मुख्य न्यायिक दंण्डाधिकारी के आदेश पर चिकित्सक सौम्या सक्सेना के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
Updated on:
12 Dec 2025 10:57 am
Published on:
12 Dec 2025 10:57 am
