
Prayagraj: प्रयागराज के करछना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में संविदा पर कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पल्लवी सिंह को बुधवार को आकस्मिक निरीक्षण के दौरान निजी प्रैक्टिस करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ कार्यालय से गई टीम ने उन्हें हनुमानगंज के हबूसा मोड़ स्थित तेजस अस्पताल में मरीजों को देखते हुए पाया, जबकि वे सरकारी सेवा में कार्यरत थीं।
जांच के दौरान सामने आया कि तेजस अस्पताल का पंजीकरण पहले ही समाप्त हो चुका है और उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया भी अधूरी थी। डॉ. पल्लवी सिंह प्रोविजनल पंजीकरण दस्तावेज़ भी प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके अतिरिक्त, अस्पताल के पंजीकरण में दर्ज चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी भी मौके पर नहीं मिली।
टीम की पूछताछ पर डॉ. पल्लवी जवाब देने से बचती रहीं। नियमों की अवहेलना और गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजस अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और पंजीकरण प्रक्रिया को निलंबित कर दिया।
उधर, कार्रवाई से घबराई डॉ. पल्लवी सिंह सीएमओ कार्यालय पहुंचीं और किसी भी जिम्मेदारी से बचने के लिए तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा सौंप दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि डॉ. पल्लवी ने बुधवार को ही सेवा त्यागने का पत्र दिया है। जबकि उन्हें इस कार्रवाई के बाद निलंबित भी कर दिया गया।
Updated on:
5 Jun 2025, 7:33 AM IST
Published on:
5 Jun 2025, 7:33 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.