प्रयागराज के सरायइनायत थाना क्षेत्र के धनैचा और मलखानपुर गांव में दो दिनों से जारी सर्च ऑपरेशन के बावजूद वन विभाग तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रहा है। इससे आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण खेतों में जाने से बच रहे हैं, जबकि महिलाएं और बच्चे घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
Prayagraj: शाम करीब 7:30 बजे कानपुर से ट्रैंक्विलाइज़र विशेषज्ञ व पशु चिकित्सक डॉ. नासिर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि तेंदुए को जल्द काबू कर लिया जाएगा। उप प्रभागीय वनाधिकारी संगीता यादव के निर्देशन में खेतों में चारों ओर जाल बिछाकर, रात दो बजे तक सर्च लाइट और थर्मल ड्रोन से लोकेशन खोजने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इस दौरान खेत में चरी के बीच खोजबीन के लिए जेसीबी भी मंगाई गई, मगर दलदल में फंस जाने से वह खेत तक नहीं पहुंच सकी। रविवार सुबह डॉ. नासिर ने जेसीबी पर बैठकर ट्रैंक्विलाइज़र गन के साथ पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। फूलपुर रेंजर लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि तेंदुआ संभवतः रात में आगे निकल गया है, लेकिन ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को रात में अकेले बाहर न जाने की हिदायत दी गई है।
वन विभाग ने जिले के सभी रेंजों को अलर्ट कर दिया है और जहां भी तेंदुए की लोकेशन मिलेगी, वहां तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, ऑपरेशन जारी रहेगा। धनैचा और मलखानपुर के अलावा कोटवा, जमुनीपुर, बेलवार, दुबावल, ककरा, सुदनीपुर कला, कतवारूपुर समेत कई घनी आबादी वाले गांव भी दहशत में हैं।