
फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा
प्रयागराज महाकुंभ में सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य साधु संतों की उपस्थिति में संतोष दास जी महाराज उर्फ सतुआ बाबा को जगद्गुरु के तौर पर उपाधि दी गई। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उनका अभिषेक किया और अवधेशानंद गिरि महाराज भी वहां उपस्थित थे। विष्णुस्वामी संप्रदाय के प्रमुख को सतुआ बाबा के नाम से जानते हैं
संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा विष्णुस्वामी संप्रदाय की सतुआ बाबा पीठ के मुखिया हैं।इस संप्रदाय के प्रमुख को सतुआ बाबा के नाम से जाना जाता है, छठें पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन यमुनाचार्य महाराज सतुवा बाबा के निधन के बाद उन्होंने सतुआ बबा पीठ की कमान संभाली। महामंडलेश्वर संतोष दास अक्सर सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ दिखते हैं। प्रयागराज से काशी तक इस बात की चर्चा है कि ये बाबा, सीएम योगी के बेहद खास हैं।
संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा ने 11 साल की उम्र में घर छोड़कर आध्यात्म में जुट गए थे। उनके गले में माला और शरीर पर पर पीला कपड़ा और जनेऊ पहचान के तौर पर दिखता है। सतुआ बाबा वाराणसी के मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआबाबा आश्रम में रहते हैं।वाराणसी की रामकथा के दौरान उन्होंने युवा संन्यासी के तौर पर आध्यात्म की दुनिया में कदम रखा। उन्हें काशी विश्वनाथ का प्रतिनिधि भी माना जाता है।
माघ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने डीएम को मनीष वर्मा को नसीहत देते हुए कहा, 'संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा के चक्कर में न पड़ो, बाकी साधुओं को भी देखिए.' डिप्टी सीएम के तेवर देख डीएम सकपका गए। डीएम मनीष वर्मा का सतुआ बाबा का आश्रम में रोटी बनाते हुए वीडियो वायरल हुआ था।जबकि डिप्टी सीएम को संगम नोज पर स्नान घाट भी तैयार नहीं मिला।साधू-संतों ने भी उनसे मिलकर व्यवस्थाओं से नाखुशी जताई, उन्होंने इस मामले में लापरवाही न करने की नसीहत दी है।
Updated on:
30 Dec 2025, 4:44 PM IST
Published on:
30 Dec 2025, 4:43 PM IST
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