
फाइल फोटो पत्रिका
प्रयागराज में निराश्रित महिला योजना यानी कि विधवा पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में पता चला कि जिले की करीब 2,000 महिलाएं गलत तरीके से पेंशन ले रही थीं। इस खुलासे के बाद जिला प्रशासन और प्रोबेशन विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि 100 से ज्यादा महिलाओं ने पति की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में खुद को विधवा ही दिखाती रहीं और पेंशन का पैसा लेती रहीं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कराए गए सत्यापन में कुल 1,939 महिलाएं अपात्र पाई गईं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ महिलाओं की मौत हो चुकी है, फिर भी उनके खातों में पेंशन जा रही थी। वहीं कुछ महिलाएं दूसरे राज्यों में जा चुकी हैं या अब गरीबी रेखा से ऊपर हैं लेकिन फिर भी योजना का लाभ ले रही थीं। यह गड़बड़ी जिले के लगभग हर ब्लॉक में मिली। हंडिया में सबसे ज्यादा मामले सामने आए, जबकि सोरांव दूसरे नंबर पर रहा। फूलपुर, बारा, मेजा, करछना, मऊआइमा और श्रृंगवेरपुर में भी कई फर्जी लाभार्थी मिले।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि नियम के अनुसार, अगर कोई विधवा दूसरी शादी कर ले या उसकी मृत्यु हो जाए, तो पेंशन तुरंत बंद करानी होती है। अब सभी अपात्र महिलाओं की पेंशन रोक दी गई है।
जब अधिकारियों ने महिलाओं से पूछताछ की, तो कुछ ने कहा कि उन्हें नियम की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि खाते में पैसे आ रहे थे, इसलिए वे निकालती रहीं। फिलहाल जिले में 1,02,160 महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये पेंशन दी जा रही है। अब विभाग ने दोबारा जांच शुरू कर दी है, ताकि फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके।
Updated on:
17 Feb 2026 08:19 pm
Published on:
17 Feb 2026 08:19 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
