
प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। इससे संगम नोज तरह से डूब गया है। शहर के निचले हिस्से की बात की गया तो गंगा का पानी अशोकनगर के कछारी क्षेत्रों में पहुंच गया है। इसके अलावा छोटा बघाड़ा के बहुत करीब तक गंगा पहुंच गई हैं। संगम मुझसे तीर्थ पुरोहितों ने अपनी ताकत और सागर सामान अब ऊंचाई पर किले की ओर ले आए हैं अगर गंगा और यमुना का पानी अब बड़ा तो छोटा बड़ा के हजारों घर बाढ़ के पानी की चपेट में होंगे।
शुक्र है पिछले 24 घंटे में स्थिर है पानी
अभी तक गंगा और यमुना लगातार बढ़ रही थीं, लेकिन पिछले 24 घंटों में गंगा और यमुना का जलस्तर स्थिर हुआ है। गंगा का पानी फाफामऊ में 79.31 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि छतनाग में 77:55 मीटर तक पहुंच चुका है। यमुना का पानी नैनी में 78.11 मीटर दर्ज किया गया है। गंगा का पानी फाफामऊ में स्थिर है जबकि छतनाग में 2 सेंटीमीटर घटा है। इसके अलावा नैनी में यमुना का पानी स्थिर बताया जा रहा है।
संगम नोज पर त्रिवेणी में चल रहीं नावें
कल तक जहां हजारों तीर्थ पुरोहितों की धर्म ध्वजाएं लहरा रही थीं और स्नान, दान--पुण्य का सिलसिला चल रहा था वहां आज पूरी ताह से गंगा का पानी बह रहा है। यानी संगम नोज पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। तीर्थ पुराेहित अब किले की ओर चले आए हैं। अभी गंगा का पानी बंधवा वाले हनुमान मंदिर से 500 मीटर दूर है। संगम पर कई दशक से नावें चलाने वाले गोपाल निषाद ने बताया कि इस बार यहां बारिश कम हुई है। माध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात का पानी आएगा। अब पानी छोड़ा गया है। यह पानी प्रयागराज तक आने में 10 दिन लगेंगे। इसके बाद गंगा जी हनुमान जी को स्नान कराएंगी।
79.31 मीटर तक पहुंचा गंगा का पानी
फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.31 मीटर तक पहुंच गया है। अब अगर एक मीटर भी पानी बढ़ जाएगा तो छोटा बघाड़ा के हजारों घर बाढ़ की चपेट में होंगे। बाढ़ कंट्रोल रूम के मुताबिक यमुना का जलस्तर घट रहा है। बांधों से छोड़ा गया पानी अभी प्रयागराज पहुंचने में आठ से 10 दिन लेगा। उसके बाद जलस्तर तेजी से बढ़ेगा। आंकड़ों पर गौर करें तो जब गंगा का जलस्तर 81 मीटर तक पहुंचता है तब जाकर छोटा बघाड़ा, दारागंज, अशाेक नगर जैसे क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घरों में घुसता है।
Published on:
25 Jul 2023 04:44 pm
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