
पेट्रोल की बोतलें लेकर आए थे उपद्रवी
प्रयागराज के करछना में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि यह बवाल अचानक नहीं हुआ, बल्कि पूरी तरह से प्लान था। हमलावरों के पास लाठी-डंडों और पत्थरों के अलावा पेट्रोल से भरी बोतलें थीं, जिन्हें पेट्रोल बम की तरह इस्तेमाल किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करछना थाना प्रभारी अनूप सरोज ने एक गोपनीय रिपोर्ट में बताया है कि उपद्रवी पहले से योजना बनाकर आए थे। उनका मकसद सिर्फ विरोध नहीं बल्कि हिंसा और आगजनी फैलाना था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि हिंसा में शामिल कुछ लोगों को घटना से कुछ घंटे पहले ही एक पेट्रोल पंप पर बोतलों में पेट्रोल भरते देखा गया था। वहां से वे हनुमानपुर मोरी और फिर भड़ेवरा बाजार पहुंचे, जहां हिंसा भड़की।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हमलावरों की पहचान, उनकी गतिविधियां और उनके पीछे के लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें पेट्रोल, लाठियां और अन्य सामग्री किसने और क्यों उपलब्ध कराई।
पुलिस ने इस मामले में 54 नामजद सहित कुल 604 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से 75 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 52 नामजद आरोपी हैं, जबकि 23 ऐसे हैं जिन्हें वीडियो फुटेज के आधार पर पहचाना गया।
गिरफ्तार आरोपियों में भीम आर्मी के करछना तहसील अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम भी शामिल हैं। हालांकि उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। बताया गया है कि हिंसा की साजिश में इन नेताओं की अहम भूमिका रही है। डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने बताया कि हिंसा की योजना पहले से बनाई गई थी और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। कुछ को जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
Updated on:
01 Jul 2025 03:02 pm
Published on:
01 Jul 2025 03:01 pm
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