
करछना एसडीएम
इलाहाबाद. घंटों आंदोलन के बाद आखिरकार जिला प्रशासन जनता के आगे झुकना ही पड़ा। सुबह से घंटो चले आंदोलन के बाद कलेक्टर सुहास एलवाई ने शाम होते तक एसडीएम करछना का तबादला रोक दिया। इलाहाबाद में पहली बार किसी अधिकारी के समर्थन में करीब डेढ़ हजार जनता आज सड़कों पर उतरी थी। वहीं करछना एसडीएम का तबादला रूकने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
दरअसल जिला प्रशासन ने करछना एसडीएम राज गणपति आर का तबादला एसडीएम तहसील कर दिया गया था। एसडीएम करछना के तबादले की खबर सूनते ही एक हजार से ज्यादा लोग उनके आवास जा पहंुचे। लोगों ने आवास पर ही एसडीएम करछना जिन्दाबाद का नारा लगाना शुरू कर दिया। साथ ही जनता प्रशासन से उनके तबादले को रोकने की मांग करने लगी।
देखते ही देखते लोग तबादला रूकवाने के लिए प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। इस दौरान लोगों का कहना था कि ईमानदार एसडीएम राज गणपति साहब का तबादला रोका जाए। एसडीएम ने स्थानीय लोगों के लिए काफी कार्य किया है। भूमाफियाओं और अवैध खनन के ठेकेदारों के दबाव में उनका तबादला कर दिया गया है। इसलिए उनका तबादला रोका जाना चाहिए। एसडीएम के तबादले को रोकने के लिए सुबह से ही स्थानीय जनता सड़कों पर उतर चकी थी।
लोगों के आक्रोश को देख पुलिस प्रशासन के भी पसीने छूट गए थे। ऐसे में कलेक्टर सुहास एलवाई ने एसडीएम करछना के प्रति लोगों का लगाव देखते हुए तबादला रोकते हुए पुनः नियुक्त करने का निर्देश जारी किया। कलेक्टर सुहास के अनुसार इलाहाबाद मेें लगने वाले मेले के कार्यों को सुचारू रूप से सम्पादित कराने के लिए उनका तबादला सदर तहसील किया गया था। करछना की क्षेत्रीय जनता की भावनाओं का कद्र करते हुए एसडीएम राजा गणपति को पुनः करछना नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा आयुष चैधरी को एसडीएम सदर नियुक्त किया जाता है।
Updated on:
12 Dec 2017 10:58 pm
Published on:
12 Dec 2017 10:54 pm
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