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संत बोले नेताओं को सरकार चाहिए, संतों को किसी भी कीमत पर मंदिर

धर्मसंसद में संतों ने अटल-आडवाणी और मोदी को कोसा, कहा मोदी अपना वादा निभाएं  

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Dharm sansad

संत बोले नेताओं को सरकार चाहिए, संतों को किसी भी कीमत पर मंदिर

प्रयागराज। विहिप का धर्मसंसद शुक्रवार को राममंदिर निर्माण पर कोई फैसला तो नहीं ले सका लेकिन संतों की नाराजगी का शिकार भी खूब हुआ। संतों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी से लेकर आडवाणी तक को राममंदिर मुद्दे पर आरोप लगाया। संतों ने पीएम मोदी सरकार पर भी वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए वादा निभाने की बात कही। संत यहां तक कह डाले कि पीएम बनने के पहले वह खुद को हनुमान कहते थे लेकिन पीएम बनते ही मोदी सब भूल गए।
धर्मसंसद के दूसरे दिन काफी गहमागहमी भरा माहौल रहा। हालांकि, संतों के गुस्से को शांत करने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत, जूना अखाड़े के अवधेशानंद महराज आदि मौजूद रहे फिर भी संतों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली।
महानिर्वाणी अखाड़े के विशोखा नंद महाराज ने कहा भारतीय जनता पार्टी मतलब बाबा पार्टी। पिछले चुनाव से पहले संत समाज ने नरेंद्र मोदी को राम मंदिर के लिए हनुमान बताया था, पर अब तक अपेक्षा अनुरुप काम नहीं किया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में हालही में दिया गया आवेदन उनकी नीयत को सकारात्मक दिखाता है। उन्होंने कहा हमने अटल और आडवानी को भी चुना था पर उन्होंने सब्ज बाग दिखा कर कुछ नहीं किया था। अब मोदी अपना वादा निभाए।

सरकार ने तोड़ा संतों का भरोसाः श्याम देवाचार्य
जबलपुर से आए श्याम देवाचार्य महाराज ने मंच से नरेंद्र मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा सरकार ने संतों के साथ धोखा किया है। सरकार बनने से पहले वादा किया था कि राम मंदिर बनाएंगे पर साढ़े चार साल बीत गए कुछ नहीं किया। नेताओं को सरकार चाहिए लेकिन संतों को हर कीमत पर मंदिर चाहिए। यदि सरकार को वापस आना है तो वे पक्का वादा करें सिर्फ आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा।

दो बार सत्ता देने के बाद भी मंदिर नहीं बनाः रामभद्राचार्य
जगतगुरु रामभद्राचार्य ने धर्म संसद में कहा मन में प्रसन्नता नहीं हो रही है। राम के देश में उनके मंदिर के लिए इतनी लड़ाई लडना पड़ रही है। संत समाज ने भाजपा को दो बार सत्ता दी। पहले अटल जी को और अब मोदी को लेकिन दोनों सरकारों ने कुछ नहीं किया। यह संतो के साथ विश्वास घात है, लेकिन हमारी समस्या है करें भी तो क्या दूसरा विकल्प भी तो नहीं जो मंदिर के संकल्प को पूरा करे। संत समाज निराश न हो मंदिर जरूर बनेगा।

कांग्रेस आंदोलन को बाटने की कोशिश कर रही है
धर्म संसद के दौरान अखलेश्वरानंद महाराज ने राममंदिर का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने बताया 2 फरवरी शनिवार को विश्व हिंदू परिषद और संत समाज संकल्प लेकर 6 अप्रैल को सर्वाथसिद्ध योग में 13 करोड़ विजय मंत्र की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा मंदिर को लेकर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार के प्रयास कमजोर नहीं है। कांग्रेस आंदोलन को बाटने की कोशिश कर रही है। मंदिर निर्माण के लिए विहिप सहित पूरा संत समाज हर स्तर तक जाएगा।

धर्मसंसद आदेश दे नई सरकार मंदिर बनाएः अवधेशानंद

जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद महाराज ने धर्म संसद में अपनी बात कही। उन्होंने कहा राम मंदिर को लेकर चल रहा युद्ध निर्णायक दौर में है। अन्य प्रयासों के साथ आध्यात्म, अनुष्ठान, जप भी जरूरी है। चैत्र नवरात्र में श्री राम, जय राम, जय जय राम के एक करोड़ जाप करने से हमारे अभियान को आध्यात्मिक बल मिलेगा। उन्होंने कहा संत सदैव देश के संविधान का पालन करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा मंदिर निर्माण अगले कुछ समय में शुरू हो या न हो लेकिन धर्म संसद आदेश दे की नई सरकार मंदिर जरूर बनाए।