
इलाहाबाद. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना मान्यता के स्कूल चलाने व फीस का गबन करने के आरोप में दर्ज आपराधिक मामले में स्कूल प्रबन्धक विनोद बिहारी लाल की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने याची को बिना कोर्ट की अनुमति के विदेश जाने पर रोक लगा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम.के. गुप्ता ने दिया है। जमानत अर्जी का अपर महाधिवक्ता विनोदकांत व एजीए निखिल चतुर्वेदी ने विरोध किया। मालूम हो कि बीजेपी वाराणसी के उपाध्यक्ष दिवाकर नाथ त्रिपाठी की सूचना पर इलाहाबाद के शाहगंज थाने में षड्यंत्र व धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। ईविंग क्रिश्चियन पब्लिक स्कूल जूनियर ब्रांच बिना बोर्ड की मान्यता लिए चलाने का आरोप लगाया गया है।
साथ ही कहा गया है कि छात्रों से ली गई लाखों की फीस हड़प ली है। याची का कहना था कि वह अल्पसंख्यक स्कूल चला रहा है जिस पर अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 लागू नहीं होगा। यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह जमानत का दुरूपयोग नहीं करेगा। कोर्ट ने आरोपांे की गम्भीरता व दण्ड की स्थिति एवं जेल में कैद रहने की अवधि पर विचार कर जमानत पर रिहाई का हकदार माना। याची 9 दिसम्बर 2017 से जेल में बन्द है। कोर्ट ने कहा है कि याची जमानत पर रिहा होने पर गवाहों व साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेगा और मुकदमें की सुनवाई की तिथि पर हाजिर होगा। कोर्ट ने कहा कि वह पासपोर्ट कोर्ट में समर्पण करेगा। यदि पासपोर्ट नहीं है तो वह हलफनामा दाखिल करेगा कि वह बिना कोर्ट की अनुमति के विदेश नहीं जायेंगे।
डी.एम.इलाहाबाद को अवमानना नोटिस जारी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद के जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. को अवमानना नोटिस जारी की है और स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उन पर अवमानना कार्यवाही की जाय। यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने भगवती प्रसाद पांडेय व अन्य की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता विजय चन्द्र श्रीवास्तव व सुनीता शर्मा ने बहस की। मालूम हो कि स्टील अथारिटी आफ इंडिया को दी गई टी.एस.एल. की जमीन पर दर्जनों लोगांे ने खाली पाकर कब्जा कर आवास बना लिए। अतिक्रमण हटाओ अभियान में 60 मकान ध्वस्त कर दिया गया। इनमें रह रहे लोग बेघर हो गए। उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने जिलाधिकारी को सहानुभूति पूर्वक विचार कर 8 हफ्ते में सरकारी आवासीय योजनाओं में आवास आवंटन पर निर्णय ले। आदेश की प्रति दिए जाने के बावजूद उसकी अवहेलना की गयी जिस पर यह अवमानना याचिका दाखिल की गयी है।
हाईकोर्ट पूछताछ काउंटर की समस्या दूर करने का महानिबंधक को आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महानिबंधक को पूछताछ काउन्टर से केस के बारे में पूरी जानकारी देने में डाटा उपलब्ध न होने की समस्या का हल निकालने का निर्देश दिया है। साथ ही दाखिल जमानत अर्जी ढूंढ़ कर कोर्ट में पेश करने के आदेश का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। अर्जी को एक हफ्ते बाद पेश करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति ए.पी. शाही तथा न्यायमूर्ति राजीव मिश्र की खंडपीठ ने गजेंद्र व अन्य की आपराधिक अपील की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि पूछताछ केंद्र अर्जियों के स्टेटस की रिपोर्ट न देकर केवल आदेश की जानकारी ही दे रहा है जिससे वकीलों को परेशानी हो रही है। याची की जमानत अर्जी की तलाश के कोर्ट में पेश करने का आदेश हुआ। आफिस ने रिपोर्ट दी कि सेक्शन से ही अर्जी नही आयी है। कोर्ट ने अर्जी ढूंढ़ कर पेश करने का समय दिया किन्तु कर्मचारियों ने कोई प्रयास नहीं किया। कोर्ट ने महाप्रबंधक को इस मामले में लापरवाह कर्मियों पर कार्यवाई करने को कहा और रिपोर्ट मांगी है। साथ ही जमानत अर्जी ढूंढ़ कर पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अर्जी की छाया प्रति देते हुए मूल अर्जी ढूंढ़ कर पेश करने को कहा है।
Published on:
16 Mar 2018 10:44 pm
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