
Mahakumbh 2025: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार से गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की अपील करते हुए इसके लिए 33 दिन का समय दिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यदि सरकार निर्धारित समय के भीतर यह घोषणा नहीं करती, तो 17 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ‘गो प्रतिष्ठा निर्णायक दिवस’ आयोजित किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि 20 नवंबर 2023 से भारतीय गौ क्रांति मंच के संयोजन में, चारों जगद्गुरु शंकराचार्य पीठों के समर्थन से गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित कराने के लिए आंदोलन जारी है। इस दौरान तीन गो संसदों का आयोजन हो चुका है, गोवर्धन से दिल्ली तक नंगे पांव पदयात्रा निकाली गई और संपूर्ण भारत में गो ध्वज स्थापना यात्रा भी संपन्न हुई, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे गो भक्तों में गहरा आक्रोश है।
सरकार को अपनी मांग स्मरण कराने के लिए 12 फरवरी को कुंभ का अमृत जल और 324 कुंडीय यज्ञ की भस्म लेकर गोभक्त सचिन द्विवेदी प्रयागराज से दिल्ली पदयात्रा पर निकलेंगे। शंकराचार्य ने झूंसी स्थित भगवान हंसतीर्थ के दर्शन न कर पाने पर मलाल जताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन लाचार दिख रहा है और यदि इस पवित्र स्थल को हिंदुओं के लिए नहीं खोला गया, तो अयोध्या और मथुरा की तर्ज पर प्रयागराज में भी बड़ा आंदोलन होगा। इसके अलावा, एक धर्म ग्रंथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने पर 21 दिन में राहुल गांधी को भी चेतावनी पत्र जारी करने की बात कही है।
Published on:
12 Feb 2025 10:07 am
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