पत्र में आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिरुद्ध सिंह यादव द्वारा उचित कार्यवाही न किये जाने पर उनके भूमिका की भी जांच की मांग करते हुए पूरे प्रकरण को बताया गया है। बताया गया है कि 27 नवम्बर 2016 को 361 पदों के लिए हुए इस परीक्षा का पेपर व्यापक क्षेत्र में व्हाट्सअप पर वायरल हुआ था, जिसका साक्ष्य आयोग के अध्यक्ष को प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति द्वारा सौंपा गया हैं। आयोग के अध्यक्ष ने न ही स्वयं जांच की और न ही कोई एफआईआर कराया। छात्रों के अनुरोध पर वरिष्ठ आईपीएस अमिताभ ठाकुर द्वारा सात जनवरी 2017 को हजरतगंज पुलिस स्टेशन में धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी, आईटी एक्ट 66 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।