
वाहनों के नंबर प्लेट में छेड़छाड़ करने पर कटेगा चालान, लग गया वायलेशन डिडक्शन सिस्टम
प्रयागराज। जिले में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार मशक्कत कर रही ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे वाहनों की पहचना शुरू की है। जिनके नंबर प्लेटों में बदलाव किया जाता है। ट्रैफिक पुलिस जिले भर के ऐसे सभी वाहनों को चिन्हित करने में जुटी है जिनके नंबर स्पष्ट नही होते या नंबर से मिलते जुलते शब्दों को बनाया जाता है। जिससे कई बार वाहनों की पहचान नहीं हो पाती है।हालांकि प्रयागराज में ई चालान से बचने के लिए बीते कुछ दिनों में नंबर प्लेटों के साथ तमाम प्रयोग किए गए हैं।
ई चालान से बचने का तरीका
गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक लाइट रूल्स का पालन कराया जा रहा है। ऐसे में कई बार रेड लाइट क्रॉस करने वाले वाहनों का चालान उनके घर पहुंच जाता है। जिससे बचने के लिए वाहन स्वामियों ने नया तरीका इजाद किया है। नंबरों के साथ छेड़छाड़ करके चलान से बचा जा सके ।ऐसे में शहर के लगभग तीन दर्जन से ज्यादा वाहनों को ट्रैफिक पुलिस ने चिन्हित किया है। जिन के मालिकों ने ई चलान से बचने के लिए वाहन के नंबरों में बदलाव किया है।अब पुलिस रेड लाइट वायलेशन डिडक्शन सिस्टम के जरिए उन वाहनों की जानकारी निकाली रही है। जिसके बाद इनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस अधिकारीयों के मुताबिक जिन गाड़ियों में इस तरह का प्रयोग किया गया है उन गाड़ियों का चालान दोगुना किया जाएगा ।
वायलेशन डिडक्शन सिस्टम
गौरतलब है कि जिले में बीते कुछ माह से ई चालान व्यवस्था इससे बचने के लिए वाहन स्वामियों ने अपने वाहन नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की है। ट्रैफिक विभाग वायलेशन डिडक्शन सिस्टम के जरिए ऐसे वाहनों को ट्रेस कर रहा है। गलत नंबर की जानकारी मिलने पर पुलिस नंबर से छेड़खानी करने वाले लोगों को कैमरे के जरिए पकड़े जायेंगे। डिडक्शन सिस्टम में नंबर डालते ही उसके वाहन की लोकेशन मिल जाएगी यहां तक उस वाहन का शहर में किस चौराहे से लगातार आना जाना है। इसकी भी जानकारी डिडक्शन सिस्टम द्वारा पता किया जा सकेगा।
स्पष्ट होना चाहिए नंबर
ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी की मानें तो कुछ लोग इस चालान से बचने के लिए स्टाइलिश नंबर लिखवा रहे हैं। कुछ लोग अपना ]भौकाल कायम रखने के लिए ऐसे में वायलेशन डिडक्शन सिस्टम के जरिए इन लोगों की मुसीबत बढ़ेगी ।ट्रैफिक इंस्पेक्टर हरेंद्र यादव ने बताया कि कई बार बड़ी घटनाओं में इस तरह के नंबरों के चलते वाहनों की पहचान नहीं हो पाती है। सभी वाहनों का नंबर स्पष्ट होना चाहिए होना चाहिए अगर ऐसा नहीं हुआ तो कार्यवाही होगी ।कोई भी हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा।
Published on:
03 Feb 2020 06:09 pm
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