
घंटों बाद भी नहीं आई एंबुलेंस, सड़क किनारे महिला ने दिया बच्चे को जन्म
रायबरेली. जिले में एक महिला ने एंबुलेंस न मिलने की वजह से सड़क के किनारे पर बच्चे को जन्म दिया। दरअसल, शंकरबक्श खेड़ा मजरे सगुनी निवासी रावेन्द्र गौतम की पत्नी पूनम को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो वह अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंच गया। लेकिन, कोरोना मरीज मिलने के कारण वह सील थी। इस वजह से यहां गर्भवती को इलाज नहीं मिल सका। इसके बाद रविंद्र ने 102 और 108 नंबर पर फोन किया। लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। जब कहीं से कोई मदद न मिली तो वह बाइक से ही अपनी पत्नी और मां को लेकर रायबरेली के लिए निकल पड़ा। कुछ दूर चला ही था कि पूनम को प्रसव पीड़ा बढ़ गई। जिस पर उसने लालपुर गांव के पास सड़क के किनारे बाइक रोकी। तब तक गांव की तमाम महिलाएं आ गईं। गर्भवती को सड़क के किनारे लिटाया गया। यहीं पर उसने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद रावेंद्र जच्चा-बच्चा को ऑटो रिक्शा से लेकर घर चला गया।
सड़क के किनारे इस तरह जब महिला के बच्चे को जन्म देने की बात ने तूल पकड़ा तो स्वास्थ्य विभाग ने इससे पल्ला झाड़ लिया। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मामला होने के कारण 112 की काल स्वास्थ्य विभाग को स्थानांतरित कर दी गई थी। इसलिए पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. भावेश सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र सील है। इसलिए गर्भवती को रायबरेली भेजा गया था। एंबुलेंस हमारे कंट्रोल में नहीं है। इसलिए यह जानकारी नहीं है कि एंबुलेंस क्यों नहीं आई।
Published on:
05 Sept 2020 03:50 pm

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