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Video- यहां ज्यादा चारा खाकर मर गई गाय! आठ माह में 84 गायों की हो चुकी मौत

चक्रधर गौशाला में पिछले लंबे समय से क्षमता से काफी अधिक गाय रखा गया है , रात मे इन गायों को खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया जाता है।
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यहां ज्यादा चारा खाकर मर गई गाय! आठ माह में 84 गायों की हो चुकी मौत

रायगढ़. अब तक गायों की भूख से मौत की खबर सामने आई थी, लेकिन अब इसके उलट शहर के चक्रधर गौशाला में ज्यादा चारा खाकर गायों के मरने की बात सामने आ रही है। ऐसी 30 गाय थी जो ज्यादा खाकर मर गईं, वहीं अभी तक आठ माह में 84 गायों की मौत हुई है।
चक्रधर गौशाला में पिछले लंबे समय से क्षमता से काफी अधिक गाय रखा गया है इसके कारण रात मे इन गायों को खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया जाता है। अप्रैल माह से अब तक के आकड़ों पर गौर किया जाए तो यहां पर 84 गाय की मौत हो चुकी है। हांलाकि गौशाला समिति के पदाधिकारियों की मानें तो जुलाई माह में अत्याधिक चारा देने के कारण ३० गायों की मौत होना बताया जा रहा है शेष की मौत को सामान्य मौत बताया जा रहा है।

इसके बाद भी प्रबंधन ने क्षमता से अधिक गाय होने पर न तो शेड की व्यवस्था की और न ही इन गायों को अन्य गौशाला में शिप्ट करने का प्रयास किया गया। इसके कारण आज भी ये गाय चाहे ठंड हो, चाहे बारिश हो खुले आसमान के नीचे रह रही हैं। पशु चिकित्सा विभाग के नियमों के अनुसार देखा जाए तो एक गाय के लिए कम से कम 7 फीट लंबा व 3 फीट चौड़ी जगह होना चाहिए।

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इसमें से 5 फीट में गाय के खड़े रहने व बैठने के लिए व 2 फीट में उसके चारे के लिए कोठना निर्माण किया जाता है। वहीं चौड़ाई 3 फीट रखा जाता है ताकि एक गाय दूसरे गाय से दूर रहे इस नियम का हवाला देते हुए चक्रधर गौशाला में बने शेड की क्षमता को लेकर चर्चा की गई तो समिति के पदाधिकारी 4 सौ गाय की क्षमता बता रहे हैं। जबकि पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी 350 गायों की क्षमता होना बता रहे हैं वहीं सूत्र यह बता रहे हैं कि गौशाला में बने शेड की अगर जांच की जाए तो शेड की क्षमता 250 से अधिक नहीं है। क्षमता को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही है कुलमिलाकर देखा जाए तो अनुमति क्षमता अगर 350 भी माना जाए तो भी वर्तमान में 425 गाय हैं। इस हिसाब से क्षमता से करीब 75 गाय अधिक है।

सूत्रों की मानें तो गायों की उक्त संख्या पिछले कई माह से है जिसके कारण यहां पर अव्यवस्था का आलम बना हुआ है। वहीं सूत्र बताते हैं कि वास्तविक क्षमता से करीब सौ से अधिक गाय यहां पर रखा गया है। यह भी बताया जा रहा है कि रात में उक्त गायों को गौ शाला के अंदर बने खाली जगह में छोड़ दिया जाता है।

इसके बाद भी क्षमता बढ़ाने की व्यवस्था नहीं
गौ-शाला में गौर किया जाए तो हर साल लाखों रुपए का अनुदान सरकार की ओर से मिलती है वहीं दान की राशि भी आती है लेकिन अभी तक क्षमता नहीं बढ़ाया गया है हांलाकि पदाधिकारियों का कहना है कि क्षमता बढ़ाना प्रस्तावित है जिसमें टेंडर होने की बात कही जा रही है।

रात में ऐसे ही छोड़ दिया जाता है बाहर
पिछले साल भर में कईे बार ऐसे प्रकरण सामने आए हैं जिसमें गौशाला की गाय शहर के अंदर हादसे की शिकार हो गई हैं या फिर बीमार हो गई है जिसकी सूचना पर गौ-सेवा केंद्र ने ईलाज किया और फिर बाद में गौशाला के कर्मचारी उसे लेकर वापस गौशाला लेकर आए हैं।

-गौ-शाला में बने शेड में 4 सौ गायों के रखने की क्षमता है। क्षमता से कुछ अधिक है लेकिन इससे अव्यवस्था नहीं होती है। क्षमता बढ़ाना प्रस्तावित है जिसमें टेंडर होना बाकी है। रही बात चारे की तो पर्याप्त चारा गौशाला में है- विजय अग्रवाल, पशु मंत्री- चक्रधर गौ-शाला

-क्षमता से अधिक की शिकायत पहले भी मिली थी जिसमें टीम बनाकर जांच कराया गया था लेकिन ऐसा नहीं मिला था। अगर ऐसी बात है तो मै इस बार खुद जाकर जांच करूंगा क्षमता से अधिक होने पर शिप्ट किया जाएगा- आरएच पांडेय, उप संचालक- पशु चिकित्सा विभाग