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छोटे-बड़े २५० उद्योग वाले जिले में करीब सवा दो लाख लोग बेरोजगार

उद्योगों के साथ ही साथ जिले में बढ़ रही है बेरोजगारी स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा रोजगार

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छोटे-बड़े २५० उद्योग वाले जिले में करीब सवा दो लाख लोग बेरोजगार

उद्योगों के साथ ही साथ जिले में बढ़ रही है बेरोजगारी

रायगढ़। २५० उद्योग वाले रायगढ़ जिले में स्थानीय लोग आज भी रोजगार से वंचित हो रहे हैं। इन उद्योगों में अब तक करीब २ हजार प्रभावित लोगों को ही रोजगार उपलब्ध हो सका है। जिले की बात की जाए तो रोजगार कार्यालय में बेरोजगारों का आकड़ा बढ़कर करीब सवा दो लाख पहुंच गया है और हर वर्ष इस आकड़े में और बढ़ोत्तरी हो रही है। रायगढ़ जिला औद्यौगिक हब बन चुका है, पिछले कुछ वर्षों की स्थिति देखा जाए तो जिले में लगातार नए उद्योगों की स्थापना के साथ ही पुराने उद्योगों के क्षमता में विस्तार भी हो रहा है। यह कहा जाता है कि उद्योग के साथ क्षेत्र का विकास होता है, लेकिन आकड़े कुछ और ही बयां कर रहे हैं। जिले में संचालित उद्योगों की बात करें तो अब तक की स्थिति में प्रभावित परिवार अर्थात जिनका भूमि उद्योग के लिए गया है उसमें से २ हजार लोगों को ही उद्योगों में रोजगार नसीब हो पाया है, जबकि दूसरी ओर देखा जाए तो पिछले कुछ वर्षों से लगातार रोजगार कार्यालय में बेरोजगारों का आकड़ा भी बढ़ते जा रहा है। रोजगार कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या करीब २ लाख २० हजार पहुंच गई है इसके अलावा जिले में अपंजीकृत बेरोजगारों की संख्या जोडऩे पर यह आकड़ा और भी अधिक होगा। लीपा-पोती करने कराते हैं रोजगार मेला पिछले लंबे समय से उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा उठते रहा है। इसमें लीपा-पोती करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने रोजगार मेला की शुरूआत की है, लेकिन रोजगार मेला में देखा जाए तो उद्योग प्रबंधन काफी कम संख्या में शामिल होते हैं। इसमें छोटे-छोटे प्रायवेट कंपनियोंं को शामिल कर रोजगार दिलाने की वाहवाही बटोरी जा रही है। चक्कर काटकर थक गए प्रभावित किसी भी उद्योग के लिए भू-अर्जन होने के बाद प्रभावित रोजगार के लिए छत्तीसगढ़ पुर्नवास अधिनियम के तहत आवेदन करते हैं। हर बार उद्योग लगने के बाद ऐसे आवेदन विभाग को मिलते हैं, लेकिन उद्योग प्रबंधन इनमें से काफी कम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। शेष प्रभावित उद्योग और सरकारी कार्यालय का चक्कर काटने के बाद थक हारकर वापस लौट जाते हैं। अर्जित भूमि का आकड़ा उद्योगों के लिए अर्जित निजी भूमि - ८६५३ एकड़ उद्योगों में गई शासकीय भूमि - १२१० एकड़ उद्योगों में गई कुल भूमि - १०,१०६ एकड़ किसने कितना दिया रोजगार मोनेट इस्पात - १४८ जेएसपीएल - १९९ जेपीएल - ४८३ जायसवाल निको - ८ रूकमणी पॉवर एंड स्टील -१२ इंड सिनर्जी - ६६

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