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यह कैसा नियम : मेकाहारा में एक दिन के बाद दूसरे दिन नहीं चलता ओपीडी पर्चा

CG News: जिले के सबसे बड़े मेडिकल कालेज अस्पताल में बदल रहे नियम को लेकर मरीज परेशान हो रहे हैं।

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यह कैसा नियम : मेकाहारा में एक दिन के बाद दूसरे दिन नहीं चलता ओपीडी पर्चा

यह कैसा नियम : मेकाहारा में एक दिन के बाद दूसरे दिन नहीं चलता ओपीडी पर्चा

रायगढ़। CG News: जिले के सबसे बड़े मेडिकल कालेज अस्पताल में बदल रहे नियम को लेकर मरीज परेशान हो रहे हैं। आलम यह है कि एक पर्ची कटा कर मरीज बीमारी का उपचार कराते हैं। उपचार पूरा नहीं होने पर दूसरे दिन यह पर्ची बेकार हो जाती है। दूसरे दिन मरीज को फिर से लंबी लाइन में लग कर पर्चा बनवाना पड़ रहा है, जबकि पहले एक सप्ताह तक यह पर्चा मान्य होता था।

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जिले में मेडिकल कालेज अस्पताल शुरू होने के बाद जहां एक तरफ सुविधाओं में विस्तार तो हुआ, लेकिन यहां आए दिन बदलते नियम से मरीज परेशान हो रहे हैं। अब यह पर्ची कटाने के लिए बने नए नियम मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुए हैं। आलम यह है कि मेकाहारा में सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक ही मरीजों को उपचार सुविधा मिलती है। इसके लिए पहले मरीजों को अस्पताल का पर्चा कटना पड़ता है। पर्चा के लिए 10 रुपए फीस निर्धारित है।

यहां कई मरीज सुबह आठ बजे से आ जाते हैं तो कोई मरीज अपनी सुविधा अनुसार पर्ची ओपीडी बंद होने तक पहुंचता है। जल्दी आने वाले मरीज लाइन में लग जाते हैं ताकि उन्हें जल्दी पर्ची मिले और जल्दी उपचार हो सके। ओपीडी काउंटर कभी साढ़े आठ खुल जाता है वहां कर्मचारियों को काम शुरू करने में कभी कभी 9 बज जाता है। पर्ची कटवाने के बाद उपचार के लिए जब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं कि चिकित्सक मरीज के मर्ज के अनुसार ब्लड, शुगर व अन्य जांच के लिए सलाह देते हैं।

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इसके बाद यहां से मरीजों की परेशानी शुरू होती है। मरीज जब तक इन जांच को कराते हुए दोबारा डॉक्टर के पास दवा लिखवाने के लिए पहुंचते हैं तो डेढ़ बज चुका होता है और चिकित्सक अपने ड्यूटी पूरी कर जा चुके होते हैं। दूसरे दिन मरीजों को अस्पताल प्रबंधन के द्वारा बनाए गए नए नियम जिसे लोग तुगलकी फरमान भी मान रहे रहे। उसका सामना करना पड़ता है।

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दूसरे दिन मरीजों की एक दिन पहले कटाई गई पर्चा काम नहीं आती, उन्हें दोबारा लाइन में लग कर पर्ची कटानी पड़ती है। इसके लिए उन्हें फिर से 10 रुपए देना पड़ते हैं। नए पर्ची के साथ पुरानी पर्ची लेकर मरीज डॉक्टर के पास पहुंचता है उसके बाद उसे मरीजों के बीमारी के अनुसार दवा लिखी जाती है।

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अस्पताली सूत्रों की माने तो मेकाहारा में पहले हर दिन 350 से 400 तक ओपीडी पर्ची कट रही थी। इतने बडे़ अस्पताल के हिसाब से संया बहुत कम थी। ऐसे में मरीजों की संया बढ़ाने के लिए ओपीडी पर्ची की वैधता एक दिन का कर दी गई है। ऐसे में अब हर दिन ओपीडी मरीजों की संया 700 से 800 तक पहुंच रही है। ऐसे में जहां अस्पताल को लाभ पहुंच रहा है तो वहीं उपचार कराने आने वाले मरीजों को काफी परेशान हो रहे हैं।

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मेकाहारा, उप अधीक्षक, डॉ. शोभित माने ने कहा-

हर दिन ओपीडी में अलग-अलग डाक्टरों की ड्यूटी रहती है। इससे ओपीडी पर्ची हर दिन कटाना पड़ता है। हालांकि मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए हर दिन चार-पांच काउंटर चलता है, जिससे आसानी से ओपीडी पर्ची मिल जाती है।

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