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CG Dhan Kharidi: धान तैयार, फिर भी खरीदी नहीं… मंडी व्यवस्था से किसान त्रस्त, किसानों में बढ़ता आक्रोश

CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पाली विकासखंड के ग्राम नोनबिर्रा में धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। उपार्जन केंद्र में भरपूर आवक होने के बावजूद किसान अपना धान बेचने में असमर्थ हैं। मंडी संचालकों और संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निर्देशों के चलते खरीदी […]

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CG Dhan Kharidi: धान तैयार, फिर भी खरीदी नहीं... मंडी व्यवस्था से किसान त्रस्त, किसानों में बढ़ता आक्रोश(photo-patrika)

CG Dhan Kharidi: धान तैयार, फिर भी खरीदी नहीं... मंडी व्यवस्था से किसान त्रस्त, किसानों में बढ़ता आक्रोश(photo-patrika)

CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पाली विकासखंड के ग्राम नोनबिर्रा में धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। उपार्जन केंद्र में भरपूर आवक होने के बावजूद किसान अपना धान बेचने में असमर्थ हैं। मंडी संचालकों और संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निर्देशों के चलते खरीदी प्रक्रिया बाधित हो रही है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

CG Dhan Kharidi: बोरियों में भरा धान, फिर भी नहीं हो रही खरीदी

किसानों का कहना है कि धान पूरी तरह तैयार है और बोरियों में भरकर मंडी परिसर में रखा हुआ है, लेकिन नियमों और औपचारिकताओं का हवाला देकर खरीदी नहीं की जा रही। किसानों के अनुसार धान की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप है, इसके बावजूद उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।

ऑनलाइन टोकन के बाद भी लौटाया गया धान

ग्राम के किसान मंगल सिंह कंवर ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन टोकन के माध्यम से 32 क्विंटल धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था, लेकिन मंडी में सिर्फ 23 क्विंटल धान ही स्वीकार किया गया, जबकि 9 क्विंटल धान वापस लौटा दिया गया। मंडी कर्मियों का कहना है कि अधिकारियों के निर्देश पर कम मात्रा में ही धान की खरीदी की जा रही है।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीण किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि खरीदी प्रक्रिया में जल्द सुधार नहीं किया गया तो उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा। समय पर भुगतान न मिलने से अगली फसल की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है।

बढ़ सकती है आंदोलन की स्थिति

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि सरकार की मंशा के विपरीत जमीनी स्तर पर नियमों की आड़ में उन्हें परेशान किया जा रहा है।