
टीपाखोल डैम को बचाने किया गया प्रदर्शन (फोटो सोर्स- पत्रिका)
CG News: अपने अस्तित्व को खो रहे प्राकृतिक जल स्त्रोतों को बचाने के लिए एक बार फिर से रायगढ़ बचाओ संघर्ष मोर्चा ने पहल किया है। क्वार्ट खदान के कारण टीपाखोल डैम को पहुंच रहे नुकसान को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। साथ ही यंगटी इंटरप्राइजेज के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पूरे शहर में प्राकृतिक जल स्त्रोज अपने अस्तित्व को खाते हुए नजर आ रहे हैं, पिछले दिनों पत्रिका ने प्रमुखता से नगर निगम के एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रकाशित किया था कि शहर के ११ तालाबों का रकबा अतिक्रमण के कारण कम हो गया है। इसके अलावा लगातार नालों में अतिक्रमण की शिकायत तो आ रही है। अब शहर से लगे एक मात्र टीपाखोल डैम जहां पूरे साल भर पानी रहता है उसके अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।
रविवार को जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के विनय शुक्ला, वासुदेव शर्मा,शेख कलीमुल्ला, ऋषभ मिश्रा, अभिषेक चौहान, डीडी शुभंकर, नीलकंठ साहू, संतोष यादव, शिवम कच्छवाहा, आरिफ रजा, सुरेश साहू, मानवेंद्र साहू, दुष्यंत साहू, तिजेश जायसवाल, ईनाम सिद्दीकी, गगन निषाद, राहुल यादव, अक्षत खेडुलकर, अनिल अग्रवाल चीकू आदि ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर टीपाखोल जलाशय स्थल पर अपना ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे नायब तहसीलदार हरनंदन बंजारे को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से यह अवगत कराया गया कि पूर्व में जल संसाधन विभाग ने जांच कर अपना रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया है कि यंगटी इंटरप्राइजेज द्वारा किए जा रहे उत्खनन के कारण डैम के बंध क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है दरार आ रही है। उत्खनन जारी रहने की स्थिति में और नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। इसके बाद भी आज पर्यंत तक यंंटी इंटरप्राजेज पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
पूर्व में स्थापना के समय सन 1975 में टीपाखोल डैम से 689 हैक्टर की सिंचाई होती थी जो अब 200 हेक्टेयर में सिमट गई है। खदान के कारण उक्त प्राकृतिक जल स्त्रोंत की क्षमता प्रभावित हुई है और इसके कारण शहर का भू-जल स्तर भी प्रभावित हुआ है।
सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा 21 अगस्त 2025 को कलेक्टर को प्रेषित पत्र में बताया है कि इस उत्खननकर्ता ने डैम के डुबान और बंड क्षेत्र तक खुदाई कर पहले ही नुक्सान पहुंचा दिया जिसमें अब त्वरित कार्रवाई हो। वहीं लीज निरस्त करने के लिए तत्कालीन कलेक्टर ने फाइल में अपनी टिप लिखा है। इसके बाद भी यांगेटी इंटरप्राइजेज को लीज दे दी गई।
रायगढ़ बचाओ संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा में वर्ष 2025 के सत्र में यह मामला उठा था जिसके जवाब में प्रमुख अभियंता सिंचाई रायपुर, पर्यावरण विभाग रायपुर और जिला खनिज विभाग रायगढ़ ने अपने जवाब में बताया कि टीपाखोल डैम को बचाने के लिए ठोस कार्रवाई होगी। जिसके आधार पर कलेक्टर ने एक समिति भी बनाई गई लेकिन इस समिति का रिपोर्ट आज तक सामने नहीं आया।
Updated on:
09 Mar 2026 02:52 pm
Published on:
09 Mar 2026 02:52 pm
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