
गंगा स्मार्ट हॉस्पिटल और गांगा नर्सिंग होम तीन माह के लिए निलंबित
रायगढ़. शहर के गंगा स्मार्ट हॉस्पिटल और गंगा नर्सिंग होम द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में गड़बड़ी करने की शिकायत मिलने पर राज्य स्तर से जांच कर इनके खिलाफ निलंबन व जुर्माने की कार्रवाई की गई है। ऐसे में उक्त अस्पताल संचालक को जुर्माने की राशि पांच-पांच लाख रुपए पटाना होगा।
गौरतलब हो कि आयुष्मान भारत योजना और डॉ. खूबचंद बघेल के तहत गरीबों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। वहीं एपीएल परिवारों को भी 50 हजार रुपए तक का इलाज फ्री में करने की सुविधा है, लेकिन जिन अस्पतालों का पंजीयन इन योजनाओं में होता है, उनके द्वारा लगातार गड़बड़ी की जा रही है। ऐसे में राज्य शासन द्वारा ऐसे अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान शहर के गंगा स्मार्ट अस्पताल और गंगा नर्सिंग होम के संचालक द्वारा योजना के तहत उपचार तो किया गया, लेकिन ज्यादा बिलिंग कर मरीज से रुपए लेने की शिकायत मिलने पर राज्य शासन द्वारा इन दोनों अस्पतालों की जांच की गई, जिसमें सही पाए जाने पर इन दोनों अस्पतालों का तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया है, साथ ही पांच-पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगा या गया है। वहीं बताया जा रहा है कि अस्पताल संचालकों द्वारा मरीज से भी राशि ली जाती है और योजनाओं से भी भुगतान क्लेम किया जाता है। हालांकि ऐसा करने वाले अस्पताल बहुत कम पकड़ में आते हैं। लेकिन इन दिनों राज्य शासन द्वारा कड़ाई से इस तरह के अस्पताल संचालकों पर नजर बनाई हुई है। जिससे शिकायत मिलते ही राज्यस्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान जांच की गई तो रायगढ़ जिले के गंगा स्मार्ट हॉस्पिटल और गंगा नर्सिंग होम में गड़बड़ी पाई गई थी। जिससे दोनों अस्पतालों को तीन-तीन माह के लिए निलंबित करने के बाद 5-5 लाख का जुर्माना किया गया है।
अस्पताल संचालकों की चल रही मनमानी
गौरतलब हो कि राज्य शासन व केंद्र शासन द्वारा सभी लोगों को आष्मान भारत योजना और डॉ. खूबचंद बघेल योजना के तहत कार्ड जारी किया गया है। जिससे मरीज किसी भी अस्पताल में अपना मुफ्त उपचार करा सकते हैं, लेकिन अस्पताल संचालकों द्वारा उपचार तो किया जाता है, साथ ही मरीज की छुट्टी होने के दौरान बिलिंग अधिक कर दिया जाता है, जिससे कार्ड से क्लेम करते ही हैं साथ ही उससे अधिक की राशि को मरीज के परिजनों से भी लेते हैं, जिससे मरीजों को शासन के योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसे में अब राज्य शासन द्वारा इसे कड़ाई से पालन करा रही है।
डायल १०४ में कर सकते हैं शिकायत
इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है और किसी भी प्रायवेट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से उपचार कराता है तो उसे अलग से राशि देने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके बाद भी अगर कोई अस्पताल संचालक अधिक बिलिंग के नाम पर रुपए की मांग करता है तो मरीज व परिजन तत्काल इसकी शिकायत डायल 104 या स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के सीएचएमओ से कर सकते हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि डायल 104 में शिकायत करने पर राज्य स्तर से उक्त अस्पताल की जांच की जाती है, जिससे मरीज द्वारा दिए गए अधिक राशि की रिकव्हरी कर मरीज को वापस दिलाया जाता है और अस्पताल संचालक पर जुर्माना व निलंबन की भी कार्रवाई होती है।
Published on:
11 Mar 2023 08:08 pm

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