रायगढ़. नगर पालिका परिषद के पहले अध्यक्ष रखे स्व. तोड़ाराम जोगी की प्रतिमा स्थल से पुराना शीला लेख हटाते हुए जीर्णोंद्धार के बाद नया शीलालेख लगाया गया है। इसमें दो मेयर के किए गए कार्यों को पूरी तरह से मिटा दिया गया। इस बात को लेकर कांग्रेस के वर्तमान मेयर के इस कार्य को लेकर पूर्व दो मेयर आक्रोशित है। इसमें एक कांग्रेस के पूर्व मेयर कांग्रेस तो दूसरा भाजपा के पूर्व मेयर है।
शहर के सिविल लाइन मार्ग पर नगर पालिका परिषद रायगढ़ के प्रथम अध्यक्ष रहे स्व. तोड़ाराम जोगी की प्रतिमा लगाई गई है। पिछले कुछ समय से यह प्रतिमा स्थल देखरेख के अभाव में अव्यवस्थित हो गया था। महापौर जानकी काटजू के कार्यकाल में इसका जीर्णोंद्धार कराया गया। महापौर जानकी काटजू ने जीर्णोंद्धार के लिए अपने महापौर निधि की राशि भी दी। इसके अलावा इसमें रोटरी क्लब ऑफ गे्रटर से भी सहयोग लिया गया। जीर्णोंद्धार के बाद पुराने शीला को गायब कर नया जीर्णोंद्धार का शीलालेख लगाया गया है। इस बात को लेकर पुराने दो महापौर इस बात से नाराज है कि उनके कार्यकाल में किए गए कार्यों को गायब कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ नगर पालिका के प्रथम अध्यक्ष रहे स्व. तोड़ाराम जोगी को रायगढ़ विकास का शिल्पी माना जाता है। उनकी प्रतिमा लगाए जाने के लिए उनके पुत्र स्व. मेवालाल जोगी के द्वारा सिविल लाइन में प्रतिमा लगाए जाने की मांग की थी। यह मांग रायगढ़ नगर निगम के प्रथम महापौर जेठूराम मनहर के कार्यकाल में की गई, जो कांग्रेस के थे। पूर्व महापौर जेठूराम मनहर के कार्यकाल में वहां उद्यान निर्माण करते हुए प्रतिमा लगाए जाना प्रस्तावित किया। इसके लिए भूमिपूजन भी उनके कार्यकाल में हुआ। भूमि पूजन का शीलालेख लगाया गया। इसमें महापौर जेठूराम मनहर, सभापति सुभाष पाडेंय व स्थानीय विधायक स्व. शक्राजीत नायक का नाम था। हालांकि अपने कार्यकाल में महापौर इसका लोकापर्ण नहीं कर सके। इस उद्यान में स्व. तोड़ाराम जोगी की प्रतिमा का लोकापर्ण दूसरे कार्यकाल में हुआ। लोकार्पण के शीलालेख में भाजपा से महापौर महेंद्र चौहथा, सभापति सुरेश गोयल, विधायक विजय अग्रवाल व रायगढ़ के प्रभारी मंत्री अमर अग्रवाल का नाम था। इन दोनों शिलालेख को गायब करते हुए अब जीर्णोंद्धार का नया शिलालेख लगाया गया है। इसमें महापौर जानकी काटजू व रोटरी क्लब आफ ग्रेटर अध्यक्ष उमेश थवाईत का ही नाम है।
सोशल मीडिया में फूट रहा गुस्सा
कांग्रेस के पूर्व महापौर जेठूराम ने इस बात को लेकर सोशल मीडिया में पोस्ट की। इसके बाद से लगातार यह ट्रोल हो रहा है। ट्रोल के माध्यम से लोग इस कार्य को निंदनीय बता रहे हैं तो इसे दुर्भाग्य कह रहे हैं। वहीं एक ट्रोल में तो यहां तक कहा गया कि नगर निगम में नया फैशन चल रहा है कुछ पैसे दो और सड़क गार्डन स्टेडियम अपने नाम कराओ।
प्रदर्शन की तैयारी में भाजपा पार्षद
इस बात की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार की शाम पूर्व महापौर महेंद्र चौहथा, पूर्व सभापति सुरेश गोयल व भाजपा पार्षद सीनू राम स्व. तोड़ा राम जोगी प्रतिमा स्थल पहुंचे थे। यहां उन्होंने इस बात का विरोध जताया। वहीं यह कहा जा रहा है कि सोमवार को भाजपा पार्षद नगर निगम में इस बात का विरोध करते हुए प्रदर्शन करेगा।
वर्सन
जिसने आधारशीला रखी और जिसके कार्यकाल में यह कार्य पूरा हुआ। उनके नाम को गायब करना गलत है। ऐसा करना जनप्रतिनिधियों का अपमान है।
जेठूराम मनहर, पूर्व महापौर, कांग्रेस
वर्सन
यह कार्य कांग्रेस की मानसिकता को दर्शता है। कांग्रेस कार्यकाल में विकास का अभाव है। ऐसे में वे पुराने कार्यों में अपना नाम अंकित कर रहा है।
महेंद्र चौहथा, पूर्व महापौर, भाजपा
वर्सन
ऐसा करना किसी प्रकार से गलत नहीं है। समाजिक संस्था के द्वारा राशि खर्च करते हुए कार्य कराया गया है। जिन्होंने इसमें सहयोग दिया उनका नाम अंकित किया गया है।
जानकी काटजू, महापौर