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डीएमएपफ मद से मनमाने खरीदी के मामलों में अब तक जांच नहीं

जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की चल रही कोशिश

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डीएमएपफ मद से मनमाने खरीदी के मामलों में अब तक जांच नहीं

जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की चल रही कोशिश

रायगढ़। डीएमएफ मद सरकारी विभाग व ठेकेदारों के लिए आय का जरिया बन गया है, यही कारण है कि इस मद से मनमाने रूप से हुए खरीदी के मामलों में शिकायत के बाद शुरू हुई जांच अधर में ही लटक गई है। महिनों बाद भी संबंधित मामलों में कार्रवाई तो दूर जांच रिपोर्ट तक पूरा नहीं किया जा सका है।
विदित हो कि पिछले दिनों डीएएमफ (खनिज न्यास)मद से कृषि विभाग द्वारा मनमाने रूप से हाइब्रिड मक्का बीज और गौठानों में कृषि उपकरण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिया गया। जिन दो वर्षो में करीब ४ करोड़ रुपए की मक्का बीज खरीदी कर वितरण दिखाया गया उन दो वर्षों में मक्के का एक दाना खरीदी न तो नागरिक आपूर्ति निगम में हुआ न ही मंडी में हुआ। वहीं गौठानों के लिए कृषि उपकरण की खरीदी भी डीएमएफ के से की गई, लेकिन वर्तमान में न तो गौठानों में मशीन दिख रहा है न ही उसका उपयोग हो रहा है। उपर से उक्त मशीन गुणवत्ता को लेकर भी पिछले दिनों सवाल उठा था। उक्त दोनो मामले में हुई शिकायत के बाद जांच तो शुरू हुआ लेकिन जांच अधर में ही लटक गई। अब तक रिपोर्ट का कोई पता नहीं है।
सामान्य सभा में उठा था मामला
डीएमएफ से कृषि उपकरण की खरीदी को लेकर जिला पंचायत के सामान्य सभा में भी सवाल उठा था। सामान्य सभा में चाइनिज मशीनों का क्रय करने का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद इसमें जांच की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
प्राथमिकता की श्रेणी में कृषि है ही नहीं
डीएमएफ मद से कार्य स्वीकृत करने के लिए कार्यों की प्राथमिकता शासन ने तय किया है जिसके अनुसार शिक्षा व स्वास्थ्य पर पहली प्राथमिकता दिया गया है, प्राथमिकता की कड़ी में कृषि कार्य शामिल ही नहीं है इसके बाद भी कृषि कार्य पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिया गया।
वर्सन
दोनो ही मामले में जांच चल रही है, जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
अनिल वर्मा, उप संचालक कृषि