Raigarh News: इस बार धान खरीदी की शुरूआत केंद्रों में पूजा-पाठ कर की गई। इसके पीछे कारण यह है कि पहले दिन के लिए जिले के 69 केंद्राें में से एक भी केंद्र में धान बिक्री करने किसानों ने टोकन नहीं कटाया है।
रायगढ़। Chhattisgarh News: बुधवार से जिले के 69 केंद्रों में समर्थन मूल्य में धान खरीदी करने तैयारी की गई थी। इसी कड़ी में जिले के कुछ केंद्रों में जहां तैयारी पूरी कर ली गई थी वहां तौल मशीन व अन्य उपकरणों की पूजा अर्चना की गई। पहले दिन 1 नवंबर के लिए किसी भी केंद्र के लिए टोकन नहीं कटा था, जिसके कारण कहीं पूजा अर्चना के बाद समितियों के पदाधिकारी खाली बैठे रहे तो कहीं पर खरीदी के लिए केंद्रों में तैयारी की जा रही थी। कुल मिलाकर देखा जाए तो पहले दिन किसी भी केंद्र में बोहनी नहीं हुई। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन पोर्टल में जिले के कुछ किसानों ने 6 नवंबर तो कुछ ने 11 नवंबर को धान विक्रय करने के लिए टोकन काटने रिक्वेस्ट डाला था जिसे एप्रुव किया गया है। इस हिसाब से देखा जाए तो अब 6 नवंबर के बाद ही केंद्रों में बोहनी शुरू होगी।
धरमजयगढ़ में बढ़ा सबसे अधिक रकबा
पंजीकृत किसानों की संख्या व रकबे पर गौर किया जाए तो धरमजयगढ़ में इस बार काफी अधिक रकबा बढ़ा हुआ दिख रहा है। खरसिया में 80 तमनार में 112, घरघोड़ा में 164 तो धरमजयगढ़ में 1503 हेक्टेयर रकबा बढ़ा हुआ है। हांलाकि पूरे जिले में देखा जाए तो 8 हजार हेक्टेयर रकबे की बढ़ोत्तरी हुई है।
पुराने पंजीयन हुए ज्यादा निरस्त
नए पंजीयन में 8988 किसानों ने 8820 हेक्टेयर का पंजीयन कराया है। वहीं नए पंजीयन में 2 किसानों का पंजीयन खामियों के कारण निरस्त किया गया है। जबकि कुल 2780 किसानों का पंजीयन निरस्त हुआ है। हालांकि पुराने पंजीयन निरस्त किए जाने के पीछे सभी का अलग-अलग कारण बताया जा रहा है।
73 हजार किसानों का पंजीयन कैरी फॉरवर्ड
जिले में पूर्व से पंजीकृत किसानो में से 73 हजार 906 किसानों के 1 लाख 15 हजार 156 हेक्टेयर धान के रकबे का पंजीयन कैरी फॉरवर्ड कर इस बार के लिए पंजीकृत किया गया है। जिसमें से 426 किसानों का पंजीयन निरस्त किया गया है।
पहले दिन के लिए जिले में एक भी खरीदी केंद्रों के लिए टोकन नहीं कटा था। सेवा सहकारी समितियों में तैयारी पूरी है। 6 नवंबर के लिए टोकन कटवाया गया है। - चितरंजन सिंह, जिला खाद्य अधिकारी