
अब तक न तो राजस्व विभाग ने जांच की न ही पंजीयन विभाग ने
जिला मुख्यालय से लगे ग्राम बादपाली में करीब ८ एकड़ निजी भूमि में लगे हजारों पेड़ को छिपाकर महज ७५ पेड़ दिखा कर बिक्री नकल जारी कर दिया गया। इतना ही नहीं उक्त भूमि का व्यवसायिक डायवर्सन भी कर दिया गया। इस मामले में संबंधित राजस्वकर्मियों के खिलाफ जांच करने के बजाए उल्टे संरक्षण दिया जा रहा है। चंद्रपुर निवासी रमेश अग्रवाल ने रायगढ़ जिला मुख्यालय से करीब १२ किलोमीटर दूर ग्राम बादपाली में निजी भूमि खसरा नंबर ४३/५ में ०.८६३, ४३/६ में २.५९१ हेक्टेयर कुल ३.४५४ हेक्टेयर भूमि स्थानीय जगतपुर के अंशुल अग्रवाल को विक्रय किया। नियमानुसार विक्रय के पूर्व निजी भूमि में लगे पेड़ों की गिनती की जाती है ताकि उसका भी राजस्व शासन को मिले। उक्त भूमि के रजिस्ट्री के दौरान पटवारी भागवत कश्यप ने ८.५३९ एकड़ की उक्त भूमि में ७५ पेड़ का रिपोर्ट दिया। उक्त पटवारी की माने तो पूर्व में हुए डायवर्सन में भी पेड़ की संख्या भी करीब उतनी ही दिखाकर व्यवसायिक डायवर्सन किया गया है, जबकि मौके पर देखा जाए तो उक्त निजी भूमि में हजारों की संख्या में पेड़ लगे हुए हैं। अब सवाल यह उठता है कि जहां पेड़ों की संख्या अधिक होने के कारण वन अधिनियम लागू होना था वहां पेड़ों को छिपाकर बिक्री नकल जारी कर दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद भी न तो जांच के लिए आदेश किया गया है न ही संबंधित राजस्वकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई किया गया है।
बिना मौका जांच के कर दिया रजिस्ट्री
नियमानुसार देखा जाए तो रजिस्ट्री के लिए ऑनलाईन तिथी मिलने के बाद विभाग के संबंधित अधिकरी द्वारा मौका जांच का प्रावधान दिया गया है। ८ एकड़ भूमि की रजिस्ट्री हुई, लेकिन पंजीयन विभाग ने मौका जांच किया ही नहीं। जिसके कारण विभाग को राजस्व की काफी हानि हुई है।
रिपोर्ट में दिखाए पेड़
महुआ - ५ सॉल - ८ अन्य - ६२
हां इस मामले की जानकारी मिली है, जांच नहीं हो पाई है। जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। गगन शर्मा, एसडीएम रायगढ़
Published on:
24 Nov 2023 09:04 pm
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