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सामग्री सप्लाई में मिली गड़बड़ी तो रोक दिया भुगतान

एकलव्य विद्यालयों में किया गया था सामग्री सप्लाई

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सामग्री सप्लाई में मिली गड़बड़ी तो रोक दिया भुगतान

एकलव्य विद्यालयों में किया गया था सामग्री सप्लाई

पिछले शिक्षण सत्र में एकलव्य विद्यालयों में सप्लाई किए गए सामग्री के भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी मिलने के बाद संबंधित फर्म का भुगतान रोक दिया गया है। बताया जाता है कि जिस फर्म का भुगतान रोका गया है उक्त फर्म कोरबा में ईडी के रडार में भी आई थी। तत्कालीन सहायक आयुक्त के कार्यकाल में अजाक विभाग काफी चर्चा में था, इस दौरान एकलव्य विद्यालयों में सामग्री सप्लाई का मामला भी सामने आया था। विदित हो कि जिले के चारों एकलव्य विद्यालयों में अंबिकापुर की फर्म ने पाठय पुस्तक, लेखन सामग्री, बच्चों के लिए गणवेश व अन्य सामग्री सप्लाई किया था, जिसके बाद संबंधित के भुगतान के लिए विभाग में बिल भी लगाया गया था, उसी समय मिली शिकायत के पर जांच शुरू हुई और एडीएम संतनदेवी जांगड़े ने इस मामले में एकलव्य विद्यालयों में जाकर जांच भी की। जांच के दौरान पाया गया कि जितनी मात्रा में सामग्री दिखाई गई है उतनी मात्रा में सामग्री विद्यालयों में नहीं पहुंची है, इतना ही नहीं कुछ ऐसे सामग्री भी सप्लाई किया गया है जिसका डिमांड ही नहीं था। ऐसे में जांच के बाद एकलव्य विद्यालय के एकाऊंटेंट को नोटिस जारी किया गया था। उक्त कार्रवाई के बाद इस मामले में जांच की गई और संबंधित फर्मो का भुगतान रोक दिया गया है। बाद में पता चला कि जिस फर्म का भुगतान रोका गया है उक्त फर्म ने कोरबा में भी सामग्री सप्लाई किया है और कोरबा में ईडी की जांच में रडार में है। हांलाकि पिछले दिनों संबंधित फर्म के संचालक रूके हुए भुगतान को लेकर विभाग का चक्कर भी काटते हुए नजर आया।


पूर्व में भी किया गया है सप्लाई

सूचना के अधिकार के तहत निकाले गए दस्तावेज से यह पता चला कि मे. धजाराम अशोक कुमार के नाम से २०१९-२० में भी १० लाख ५० हजार रुपए का सामग्री सप्लाई किया गया है वहीं अंबिकापुर की ही मेसर्स गणपति ईटरप्राईजेज ने १४ लाख ३२ हजार रुपए का सामग्री सप्लाई किया है। वहीं २०१९-२० में ही सक्ति जिले के किरण ड्रेसेस से ६१ हजार रुपए का सामग्री एकलव्य विद्यालय के नाम से क्रय किया गया है।


अलग-अलग फर्म के नाम से होता रहा सप्लाई

कोरबा में शौर्य सप्लायर द्वारा किए गए सामग्री सप्लाई को जांच के दायरे में रखा गया है, वर्ष २०२२-२३ में शौर्य सप्लायर के नाम से जिले के एकलव्य विद्यालयों में भी सामग्री सप्लाई की गई है। बताया जाता है कि शौर्य सप्लायर व धजाराम अशोक कुमार दोनो ही फर्म का संचालन एक ग्रुप द्वारा किया जाता है।

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