कोविड अस्पतालों से गायब है जीवनदायिनी रेमडेसिविर इंजेक्शन

गंभीर मरीजों को इसके 3 से 4 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। वायरलरोधी इंजेक्शन बाजार में 5 हजार का मिल रहा है। इससे मरीज के परिजनों को 15 से 20 हजार खर्च करना पड़ रहे हैं। आर्थिक तौर पर सक्षम मरीज इसे खरीद लेते हैं, पर आमजन को दिक्कत हो रही है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 01 Oct 2020, 02:19 PM IST

रायगढ़. जिले के कोविड अस्पतालों में इन दिनों जीवनदायिनी रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टाक एक सप्ताह से खत्म है। मरीजों को बाजार से खरीद कर लाना पड़ रहा है। यह इंजेक्शन काफी महंगी होने के कारण मरीजों को आर्थिक परेशानी हो रही है। बता दें कि डाक्टरों की सलाह के मुताबिक यह इंजेक्शन गंभीर रूप से कोरोना मरीजों को दिया जाता है।

गंभीर मरीजों को इसके 3 से 4 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। वायरलरोधी इंजेक्शन बाजार में 5 हजार का मिल रहा है। इससे मरीज के परिजनों को 15 से 20 हजार खर्च करना पड़ रहे हैं। आर्थिक तौर पर सक्षम मरीज इसे खरीद लेते हैं, पर आमजन को दिक्कत हो रही है। सीएमएचओ डॉ. एसएन केशरी का कहना है कि इसकी मांग की गई है, लेकिन शासन से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि अभी मरीजों के परिजनों को यह दवा खरीदनी पड़ रही है।

आपको बता दें की प्रदेश कोरोना काल के भयावह दौर से गुजर रहा है। सितंबर के 30 दिन किसी त्रासदी से कम नहीं रहे। हर रोज 2700 संक्रमित मरीज मिले। हर रोज औसतन 21 मौतें हुईं। हर रोज इलाज में सैंकड़ों मरीजों के हजारों-लाख रुपए खर्च। मगर, ये 30 दिन गुजर गए।

जो बीते सभी महीनों पर भारी पड़े। आज से अक्टूबर की शुरुआत हो रही है। अनुमान तो यही है कि अगले 15 दिनों तक संक्रमण कम नहीं होगा। इसके बाद पीक की संभावना जताई जा रही है। यही वजह है कि सरकार तमाम तैयारियों में जुटी हुई है। ताकि इलाज के अभाव में किसी की मौत न हो।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned