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#तमनार बलवा कांड के कुख्यात आरोपी फरार बंटी सिंह को पुलिस ने पकड़ लिया

टंगिया से मार कर प्राणघात हमला किया गया था

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टंगिया से मार कर प्राणघात हमला किया गया था

टंगिया से मार कर प्राणघात हमला किया गया था

तमनार. तमनार थाना के अंतर्गत आने वाले गांव पडिगाव में जमीन विवाद को लेकर 1 नवम्बर 2017 को आदिवासी किसानों को लाठी, डंडा, टंगिया से मार कर प्राणघात हमला किया गया था। जिसमें 31 अगस्त 2018 को एक आरोपी बंटी सिंह पिता सुभाष सिंह उम्र 33 वर्ष निवासी जूटमिल लेबर कालोनी रायगढ़ को तमनार पुलिस ने पकड़ा है। इस कार्रवाई में तमनार थाना के जेपी निषाद, बिहारी लाल एक्का, उदय सिंह, डीपी चौधरी, अमृत गुप्ता आदि शामिल थे।


पुलिस ने बताया कि आरोपी बंटी ओडिशा से रायगढ़ आया हुआ था, लेकिन बंटी को भनक लग गई थी की पुलिस उसे पकडऩे वाली है और वह छिप कर मीन्टा सरदार ढाबा गेरवानी में छिपा हुआ था। जहां तमनार पुलिस ने पकड़ा। अभी भी तीन आरोपी राजेश सिंह, दिपलाल निराला, राकेश रात्रे फरार है। पूर्व में 7 आरोपी पकड़े जा चुके है।

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जल्द पकड़ेंगे अन्य को
इस मामले में पुलिस का कहना है कि इस मामले में जल्द ही अन्य आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
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खेतों में पानी, किसानों को सता रही ङ्क्षचता

रायगढ़. महानदी में बाढ़ आने के बाद तटवर्ती क्षेत्रों में तीसरे दिन भी बाढ़ का पानी खेतों में भरा रहा। जलस्तर कम होने से गांव से पानी तो उतर गया था, लेकिन खेतों में भरे पानी को देख किसानों को फसल के नुकसान होने की चिंता सताने लगी है।
बताया जाता है कि सरिया क्षेत्र के करीब 12 गांव ऐसे हैं जहां के खेतों में पानी भरा हुआ है वहीं पुसौर क्षेत्र के करीब आधा दर्जन ग्राम हैं जहां गांव से कुछ दूरी पर बाढ़ का पानी है अर्थात शासकीय कार्यालय परिसर और खेतों में पानी भरा हुआ है। कुलमिलाकर देखा जाए तो सारंगढ़, सरिया, और पुसौर क्षेत्र मिलाकर करीब 50-60 एकड़ से Óयादा के खेतों में पानी भरने की बात कही जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार महानदी में जलस्तर तो कम हो गया है लेकिन बाढ़ का पानी खेतों में तीन दिन से भरा हुआ है। जिसके कारण किसानों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि कहीं उनके धान व अन्य फसल बाढ़ के पानी से गल न जाए। किसानों की माने तो बाढ़ का पानी अगर किसी खेत में तीन दिन से अधिक समय तक रहेगा तो फसल गलने लगेगा।
जबकि विभाग के अधिकारियों की माने तो 7 दिनों तक अगर धान का फसल बाढ़ के पानी में डूबा रहेगा तो भी नुकसान नहीं होगा। कुलमिलाकर देखें तो गंगरेल के गेट खुलने के बाद महानदी में आई बाढ़ से अब फसल नुकसान को लेकर चिंतीत नजर आ रहे हैं।
आंकलन का इंतजार
प्रशासन स्तर पर बाढ़ के कारण फसल नुकसान को लेकर आंकलन करने की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है खेतों से पानी कम होने के बाद संयुक्त टीम द्वारा फसलों के नुकसान का आंकलन शुरू किया जाएगा। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो महानदी में बढ़े जल स्तर के कारण पुसौर और सरिया क्षेत्र के करीब दर्जन भर गांव ही प्रभावित हुए हैं जबकि ग्रामीणों की माने तो अकेले सरिया क्षेत्र में करीब 10-12 गांव तक बाढ़ का पानी आ गया है खेतों में पानी भर गया है। हलांकि पानी के उतरने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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