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शासन के आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया सहायक आयुक्त ने

स्थानांतरण में आए मंडल संयोजक मुख्यालय में और प्रभारी से चला रहे काम

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शासन के आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया सहायक आयुक्त ने

स्थानांतरण में आए मंडल संयोजक मुख्यालय में और प्रभारी से चला रहे काम

रायगढ़। अजाक विभाग के सहायक आयुक्त पिछले लंबे समय से कर्मचारियों के नियुक्ति और प्रभार को लेकर विवादों में है। एक नया कारनामा और सामने आया है जिसमें अजाक विभाग के सहायक आयुक्त ने शासन के आदेश को भी दरकिनार कर दिया है। शासन द्वारा तमनार व घरघोड़ा में जिन मंडल संयोजकों को नियुक्त किया गया है उन दोनो को पिछले ६ माह से मुख्यालय में रखा गया है। वहीं खरसिया में पहले से नियुक्त मंडल संयोजक को पिछले दो साल से जिला मुख्यालय में अटैच करके रखा गया है।
अक्टूबर-नवंबर माह में शासन ने अजाक विभाग के मंडल संयोजकों में फेरबदल करते हुए आदेश जारी किया था। जिसमें विनय कुमार चौधरी को कुनकुरी से स्थानांतरित कर घरघोड़ा व जयशंकर चौहान को भी अन्य जिले से रायगढ़ के तमनार के लिए नियुक्त किया गया था, इस आदेश के बाद दोनो मंडल संयोजकों को पुराने जगह से रिलीव तो मिल गया लेकिन आज पर्यंत नए जगह का प्रभार नहीं मिला। दोनो मंडल संयोजकों को जिला मुख्यालय में ही रखा गया है तमनार व घरघोड़ा में पोस्टींग नहीं दिया गया है। अजाक विभाग के सहायक आयुक्त की एक शिकायत सांसद, शिक्षामंत्री व संभाग आयुक्त व विधायकों से किया गया है जिसमें कलेक्टर को भी शिकायत किया गया है। उक्त शिकायत में बताया गया है कि शासन ने तमनार मं जयशंकर चौहान को पदस्थ किया है लेकिन अजाक सहायक आयुक्त अविनाश श्रीवास ने प्रधान पाठक परिक्षित धनवार से मंडल संयोजक का काम कराया जा रहा है इसीप्रकार घरघेड़ो में अधीक्षक नवीन यादव से काम मंडल संयोजक का काम कराया जा रहा है।
दो से तीन कार्यों का प्रभार
शिकायत में बताया गया है कि तमनार में प्रधान पाठक परिक्षित धनवार व घरघोड़ा में अधीक्षक नवीन यादव सहायक आयुक्त के चहेते कर्मचारियों में से हे इसी कारण परिक्षित को प्रधान पाठक होने के बाद भी छात्रावास की ड्यूटी दी गई है इसके अलावा मंडल संयोजक की डयूटी भी दी गई है। इसीप्रकार नवीन यादव घरघोड़ा में अधीक्षक के पद पर पदस्थ है लेकिन इसके अलावा सहायक आयुक्त ने इनको नवापारा टेंडा में दो छात्रावास का जिम्मा दिया है दोनो जगह अधीक्षकों के रिटायर्ड हुए १ साल से अधिक समय हो गया लेकिन नियुक्ति नहीं की गई है। इसके अलावा मंडल संयोजक का भी काम कराया जा रहा है।
कैसे होती होगी छात्रावासों की निगरानी
उक्त दोनो मंडल संयोजक को पूर्व से महत्वूर्ण जिम्मेदारी पद के हिसाब से है ऐसे में ये मंडल संयोजक क्षेत्र के छात्रावासों की मॉनिटरींग कैसे करते होंगे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं शिकायत में इस बात का भी आरोप लगाया गया है कि सिर्फ चढ़ावा न मिल पाने के कारण ही शासन से पदस्थ किए गए मंडल संयोजकों को मुख्यालय के कार्यालय से रिलीव नहीं किया गया है।
२ साल से मुख्यालय में है अटैच
निलु तिर्की को शासन ने कुछ साल पहले ही खरसिया में मंडल संयोजक के पद पर पदस्थ किया था, लेकिन सहायक आयुक्त ने दो साल पूर्व किसी कारणवश मुख्यालय में उक्त मंडल संयोजक को रायगढ़ में रखा गया है। जिसके कारण महिला मंडल संयोजक से रायगढ़ से खरसिया की डयूटी करनी पड़ रही है।
वर्सन
एक मंडल संयोजक के खिलाफ पुराने पदस्थापना वाले जगह में शिकायतों की जांच चल रही थी जिसमे अंतिम आदेश वहां होना है। वहीं दूसरे को एफआरए के काम से रोका गया था। रही बात खरसिया की तो महिला मंडल संयोजक की भी काफी शिकयत थी, और मंत्री जी का भी रूची है कि अभी जो है उसी को रखा जाए।
अविनाश श्रीवास, सहायक आयुक्त अजाक विभाग

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