1 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शराब बंदी की ओर बढ़ रहे राज्य में शराब माफिया का दावा, जहां कहो, जितनी जितनी चाहिए पहुंचा देंगे दारू

बात यहां तक जा पहुंची है कि गांव के शराब माफिया इस बात का दावा भी कर रहे हैं कि आपको जहां चाहिए, जितना चाहिए उतनी शराब उपलब्ध करवा दी जाएगी।
2 min read
Google source verification
स बात का दावा भी कर रहे हैं कि आपको जहां चाहिए, जितना चाहिए उतनी शराब उपलब्ध करवा दी जाएगी।

बात यहां तक जा पहुंची है कि गांव के शराब माफिया इस बात का दावा भी कर रहे हैं कि आपको जहां चाहिए, जितना चाहिए उतनी शराब उपलब्ध करवा दी जाएगी।

रायगढ़. जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार जमकर फल-फूल रहा है। बात यहां तक जा पहुंची है कि गांव के शराब माफिया इस बात का दावा भी कर रहे हैं कि आपको जहां चाहिए, जितना चाहिए उतनी शराब उपलब्ध करवा दी जाएगी।

बकायदा इस बात की शिकायत गांव की महिलाओं ने पुलिस के आलाअ अधिकारियों से भी की है। साथ ही कार्रवाई की मांग की है। विदित हो कि प्रदेश में सरकार ने शराब बिक्री का कार्य अपने हाथ में लिया है इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार जमकर फल-फूल रहा है।

Read more: सडक़ पर तड़प रहे थे घायल, विधायक ने बढ़ाया हाथ, पहुंचाया अस्पताल पर नहीं बचा सके जान

मिली जानकारी के अनुसार खरसिया विकासखंड के ग्राम बरगढ़ के ही आश्रित गांव पलगढ़ा की महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर गांव में अवैध शराब का करोबार कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि यदि इसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में महिलाएं उग्र आंदोलन करेंगी।

विदित हो कि बरगढ उसके आश्रित गांव पलगड़ा को मिलाकर 6 हिस्सो में बसा हुआ है, जो उरांव मोहोल्ला, इंद्रा आवास, तुर्रीपारा, बस्ती (मांझी मोहोल्ला), भांटा और पलगड़ा। इनमे से भांटा को छोडक़र बाकी सभी जगह अवैध शराब के धंधे बड़ी ही आसानी के साथ फलफूल रहे हैं।


माफिया करते हैं दावा- महिलाओं का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री करने वाले इन माफियाओ के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम कहते है कि जिसको जितनी शराब चाहिए उसे हम आधे घंटे में उपलब्ध कराने की हैसियत रखते है।

आलम यह है कि बरगढ़ के हर मोहोल्ले के 20 से 25 घरों में शराब का कारोबार किया जाता है और लोगो के अनुमान के मुताबिक रोजाना 1000 लीटर शराब यही पर और दूसरे गांव में खपाई जाती है।