
रायगढ़. पंूजीपथरा थाना क्षेत्र के एनआर इस्पात में पिछले 9 साल से काम कर रहे इलेक्टिटशियन की कंपनी अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। एक तरफ जहां कंपनी से संबंधित लोग, इलेक्ट्रिशियन की मौत सिढ़ी से गिरने की वह से बता रहे हैं।
पर शव की स्थिति को देख परिजन सवाल उठा रहे हैं। उनकी माने तो उनके अपने की मौत, किसी भारी सामान से टकराने से हुई है। जिसकी वजह से सिर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गगया है। जो करीब 11 मीटर की ऊंचाई से गिरने के बाद कतई संभव नहीं है।
पिछले दिनों आयकर विभाग की दबिश के बाद एक बार फिर एनआर इस्पात सुर्खियों में हैं। मामला कंपनी के अंदर करीब एक दशक से काम कर रहे इलेक्ट्रिशियन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से जुड़ा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की दोपहर करीब 3.30 में कंपनी अंदर काम कर रहे 40 वर्षीय इलेक्ट्रिशिन भीष्मलाल मानकर पिता अंजोर सिंह मानकर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
घटना के करीब डेढ़ घंंटे बाद शाम 5 बजे जिला बालौद के सोरली स्थित परिजनों को इस बात की जानकारी दी गई। परिजनों ने अपने रायगढ़ स्थित रिश्तेदार को मामले की जानकारी दी। देर रात तक पीडि़त परिजन भी रायगढ़ पहुंच गए। कंपनी की ओर से पीडि़त परिजनों को यह बताया गया कि भीष्म की मौत, करीब 11 मीटर उपर लगे सिढ़ी पर से काम करने के दौरान गिरने पर हुई है।
पर जब परिजनों से पीएम से पहले मृतक का शव देखा तो भीष्म का सिर, पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। कंपनी से जुड़े लोगों की माने तो 11 मीटर की ऊंचाई पर लगे सिढ़ी से गिरने की वजह से इस कदर चोट के साथ मौत होना असंभव है। पर मामले को रफा-दफा करने को लेकर सारा आरोप, मृत इलेक्ट्रिशियन पर मढऩे की कोशिश की जा रही है। ऐसे में, कंपनी की दलील से पीडि़त परिजन खुद को असंतुष्ठ बता रहा है। वहीं मौत के पीछे किसी ठोस लोहे के सामान से चोट आना बता रहा है। वहीं कंपनी द्वारा बताए जा रहे मौत की वजहों को गलत बता रहे हैं।
चर्चा इस बात की भी है कि मृतक के उपर, क्रेन से सामान ले जाने के दौरान टकराने व कुछ गिरा था। हलांकि परिजनों के इस सवाल पर कंपनी की ओर से मौजूद लोग, गोल मटोल जवाब देते नजर आए।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी- इस हादसे के पीछे हमेशा की तरह कंपनी के अंदर काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात कही जा रही है। कंपनी से जुड़े लोग, जो मृतक के पहचान के हैं और वो भी घटना स्थल पर मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि संरक्षा मानकों की अनदेखी की वजह से ही मृतक को इतनी गंभीर चोट आई। जिससे उसकी मौत हो गई। सुरक्षा से जुड़े संसाधन टोपी, सुरक्षा बेल्ट जूता व अन्य सामान के साथ अगर कर्मचारियों से काम करवाए जाते तो सोमवार को एक इलेक्टिशिसन की मौत नहीं होती।
Published on:
28 Nov 2017 06:15 pm
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