
रायगढ़. छत्तीसगढ़, खासकर रायगढ़ में किन्नरों की पूछ परख ज्यादा है। यहीं वजह है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस बार आरक्षक भर्ती में किन्नर समुदाए को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का ऑफर दिया है। जिसका उल्लेख भी भर्ती के विज्ञापन में किया गया है। ऐसे में, तृतीयलिंग कल्याण बोर्डकी सदस्य इस बात का दावा कर रही है कि छत्तीसगढ़, देश का पहला राज्य है। जिसने किन्नर समुदाए को आरक्षक पद की भर्ती में शामिल होने का मौका दिया है। इससे किन्नर बिरादरी से जुड़े लोगों को समाज के मुख्य धारा से जोडऩे का मौका मिलेगा।
प्रदेश में करीब 2800 किन्नरों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने वर्ष २०१७ के आरक्षक भर्ती में महिला व पुरुष के साथ किन्नर समुदाए को भी इस भर्ती के लिए पात्र माना है।
देश में यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य में अपनी पुलिस की भर्ती में किन्नर समुदाए को भी शामिल होने का खुला ऑफर दिया है। इस बात की पुष्टि तृतीयलिंग कल्याण बोर्ड की सदस्य विद्या राजपूत भी कर रही है। विद्या करीब एक दशक से किन्नर समुदाए की अगुवाई कर रही है। उनकी माने तो छत्तीसगढ़ सरकार ने किन्नरों को पुलिस भर्ती में शामिल होने का मौका देकर किन्नरों के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। इस बात का उल्लेख वर्ष 2017 के आरक्षक भर्ती के विज्ञापन में भी किया गया है। जो 29 दिसंबर को प्रकाशित किया गया है। ६ पन्ने के प्रकाशित इस विज्ञापन के अंतिम पेज पर तृतीयलिंग के भर्ती होने का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के आला अधिकारी भी इस बात का उल्लेख कर रहे है कि पुलिस भर्ती में किन्नर समुदाए को इस बार मौका दिया गया है। पर इस मौका का किन्नर, कितना लाभ उठा पाते हैंं। यह भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कहा जा सकता है। इस फैसले के बाद लोग इसे समानता के अधिकार से जोड़कर इसका स्वागत कर रहे हैं। वहीं किन्नर भी इसको लेकर खासे खुश दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस भर्ती में किन्नर समुदाय का मापदंड
आरक्षक भर्ती में थर्ड जेंडर के लिए स्पष्ट मापदंड भी तय किए गए हैं। जो किन्नर पुरुष वर्ग में अपनी दावेदारी पेश करता है। उसे पुरुष वर्ग के तय मापदंड को पूरा करना होगा। जो किन्नर, महिला वर्ग का विकल्प का चयन करती है। उसे महिला उम्मीदवार की तरह सभी मापदंड को पूरा कर खुद को साबित करना होगा। इसके साथ तो तृतीयलिंग के विकल्प को चुनेगा। उसे भी महिला उम्मीदवार के मापदंड पर भर्ती प्रकिया से गुजरना होगा।
किन्नर महापौर सहित 73 है थर्ड जेंडर
रायगढ़ जिले में समाज कल्याण विभाग ने वर्ष 2014 में किन्नर समुदाए की संख्या को लेकर एक सर्वे कराया था। जिसमें रायगढ़ जिले में 73 किन्नर की मौजूदगी दर्ज की गई। जिनका बकायदा पंजीयन भी किया गया है। पंजीकृत किन्नरों की सूचि में एक नाम मधुबाई का भी है। जो वर्तमान में रायगढ़ नगर निगम की महापौर है। यहीं वजह है रायगढ़ में किन्नरों की पूछ परख बढ़ी है। जिसे अन्य किन्नर भी मानती है।
Published on:
01 Jan 2018 03:24 pm
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