
अरे ये गजब हो गया, सोशल मीडिया में अब ये कुत्ता वायरल हो गया, पढि़ए क्या है खास...
रायगढ़. अब तक लोग ही सोशल मीडिया में वायरल होते थे पर लैलूंगा में या यूं कहें तो रायगढ़ जिले में एक कुत्ता इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल है। बकायदा लोगों की ओर से इस कुत्ते की हुलिया और हरकत की जानकारी वायरल की जा रही है और बचने की सलाह दी जा रही है। लोगों का कहना है कि पालतू कहा जाने वाला ये कुत्ता पागल हो गया है और अब तक एक दर्जन लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इसमें ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। इस वजह से नगर की मुख्य बस्ती में दहशत का माहौल है और लोग अपने बच्चों को बाहर छोडऩे से कतराते नजर आ रहे हैं।
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इस मामले में स्थानीय लोगों द्वारा विगत तीन-चार दिनों से इसकी सूचना नगर पंचायत एवं थाना लैलूंगा में दी गई है इसके बाद भी सम्बंधित विभागों द्वारा इस मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है। आलम यह है कि एक ओर कुत्ते का आतंक है तो दूसरी ओर अस्पताल में एंटीरेबिज का स्टाक खत्म है। अब तो पुलिस की ओर से भी विशेष संदेशवाहक भेजकर उस कुत्ते को काबू में करने की बात नगर पंचायत से की गई है।
गौरतलब है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लैलूंगा ने भी इसके एंटी डोज के नाम पर हाथ खड़े कर दिए हैं और परिसर में इस संबंध में उपयोग में लाए जाने वाले एंटी रैबिज वैक्सीन नाम के इंजेक्शन का स्टॉक नील बताया गया है।
काट रहा कुत्ता, लुट रहे लोग
सरकारी अस्पताल में एंटी रेबिज उपलब्ध नहीं होने के कारण पीडि़त लोग निजी दवा व्यवसायियों से इसकी खरीदी कर रहे हैं जहां इनसे मोटी कीमत वसूली जा रही है। हैरानी इस बात की है कि इस पूरे मामले में तीन-तीन विभागों के गैरजिम्मेदाराना रवैये से पीडि़त लोगों में आक्रोश की स्थिति है। हालांकि इस बात की अपुष्ट सूचना मिल रही है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा कुछ एक लोगों को निजी दवा व्यवसायियों से खरीदे गए इंजेक्शन का भुगतान बाद में सरकारी खर्चे से करने का आश्वासन दिया गया है, पर विभाग द्वारा आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी आम नहीं की जा रही है।
सोशल मीडिया में वायरल हुआ कुत्ता
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कुत्ते के गले में पट्टा बंधा है और इसका रंग सफेद है, जो स्थानीय वार्ड क्रमांक 6 में स्थित चारगोड़ा के किसी व्यक्ति का पालतू बताया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से इसका रंग रूप वायरल कर इससे बचने की अपील कई दिनों से की जा रही है, पर इसकी धर पकड़ को लेकर नगर पंचायत एवं थाना लैलूंगा के उदासीन रवैये से लोगो में काफी नाराजगी देखी जा रही है।
-यदि अस्पताल परिसर में दवा उपलब्ध नहीं है तो बाहर से दवा मंगवाकर पीडि़त लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। मैं इस संबंध में तत्काल पता करवाता हूं - हबेल उरांव, जिला चिकित्सा अधिकारी रायगढ़
-स्थानीय लोगों द्वारा पागल कुत्ते के बारे में जानकारी दिए जाने के बाद नगर पंचायत को आज इस संदर्भ में सूचित किया गया है। थाना कर्मचारी के माध्यम से प्रभारी सीएमओ को इसकी जानकारी दी गई है- बोनिफास एक्का, थाना प्रभारी लैलूंगा
-थाना के माध्यम से इस संबंध में सूचना मिलने के बाद कुत्ते की धर-पकड़ के लिए तत्काल प्रभाव से टीम रवाना की गई है। इस संबंध में पूर्व में किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त नहीं हुई है- रामायण पाण्डे, प्रभारी नगर पंचायत अधिकारी लैलूंगा
-मेरे द्वारा पागल कुत्ते की सूचना तीन दिन पहले नगर पंचायत लैलूंगा एवं दो दिन पहले थाना लैलूंगा को किए जाने के बाद भी सम्बंधित विभागों द्वारा मामले को नजर अंदाज किया जाना निराशाजनक है। अस्पताल परिसर में दवा उपलब्ध नहीं होने की वजह से बच्चे का इलाज रायगढ़ आकर कराना पड़ रहा है - राकेश जयसवाल, पीडि़त अभिभावक
Published on:
01 Jul 2018 03:07 pm
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