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खाना नहीं बनाने पर आक्रोशित हुआ पति, सीने पर कूद-कूदकर ले ली पत्नी की जान, बेटे के बयान पर कोर्ट ने सुनाई ये सजा…

- मामला कापू थाना क्षेत्र के धौराडांड की है
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रायगढ़

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Shiv Singh

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Updated: 1 Jul 2018, 1:19 PM IST

खाना नहीं बनाने पर आक्रोशित हुआ पति, सीने पर कूद-कूदकर ले ली पत्नी की जान, बेटे के बयान पर कोर्ट ने सुनाई ये सजा...

पत्नी ने खाना नहीं बनाया तो आक्रोशित हुआ पति, सीने पर कूदकर ले ली पत्नी की जान, कोर्ट ने सुनाई ये सजा...

रायगढ़. कापू थाना क्षेत्र के धौराडंाड में एक पत्नी ने खाना नहीं बनाया तो पति उसके सीने पर कूद गया। पैरों से छाती को दबाने के दौरान पत्नी की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शी नाबालिग बेटे के बयान पर कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसमें एक हजार रुपए का अर्थदंड भी शामिल है।

रायगढ़ द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अनिष दुबे ने हत्या के एक मामले में शनिवार को अहम फैसला सुनाया। जिसकी पैरवी शासकीय अधिवक्ता सिद्धेश कुमार पटनायक ने की। मिली जानकारी के अनुसार मामला कापू थाना क्षेत्र के धौराडांड की है। जहां १९ जुलाई २०१७ की रात बाल साय खडिय़ा का विवाद उसकी पत्नी झूनीबाई टोप्पो के साथ खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ। बात इस कदर बढ़ गई कि खाना नहीं बनाने की बात पर नाराज पति, पत्नी को जमीन पर पटक दिया। वहीं उसके सीने पर चढ़ कर कूदने लगा। इससे पत्नी की कुछ देर बाद मौत हो गई।

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मां व पिता के बीच हुए इस विवाद पर 10 साल के बेटे सतीश टोप्पो की नींद खुल गई। मां के सीने पर चढ़ कर कूद रहे पिता को उसने हटाने की कोशिश की। पर पिता ने उसे भी धक्का देकर हटा दिया। रात भर पत्नी का शव उक्त कमरे में पड़ा रहा। सुबह होने पर आरोपी बालसाय ने इस बात की जानकारी गांव के कुछ लोगों को दी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

बेटा के बयान पर पिता को हुई सजा
कोर्ट में करीब ११ माह चली सुनवाई के दौरान सबसे अहम बयान मृतिका व आरोपी के बेटे सतीश टोप्पो का था। जिसने इस पूरी घटना को अपनी आंखो से देखा था। पुलिस को दिए गए बयान के अनुरूप ही उसने कोर्ट में भी बयान दिया। जिसकी वजह से कोर्ट ने प्रत्यक्षदर्शी बेटे के बयान पर उसके पिता को एक हजार रुपए अर्थदंड के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।