महिला मोर्चा का फूटा आक्रोश कहा - गद्दारों को टिकट बांट रही भाजपा, सामूहिक इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने की तैयारी

महिला मोर्चा की सदस्यों ने जिला भाजपा कार्यालय में की बैठक, चयन समिति पर जमकर बिफरीं, संगठन से पुनर्विचार की मांग

रायगढ़ . नगरीय निकाय चुनाव के चलते प्रदेश के पार्टियों में दंगल का माहौल है। वही रायगढ़ भाजपा के महिलाओं में आक्रोश देखने को भी मिल रहा है। दरअसल भाजपा के टिकट वितरण की लिस्ट जारी होने के बाद असंतोष फूट पड़ा है। खास कर यह असंतोष महिला मोर्चा के सदस्यों में ज्यादा है।

भाजपा महिला मोर्चा के सदस्यों का स्पष्ट कहना है कि पार्टी गद्दारों को टिकट के नाम पर रेवड़ी बांट दी, जबकि जो पार्टी के प्रति समर्पित थे, उन्हें किनारा कर दिया गया। महिला सदस्यों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यहां तक कहा कि संठगन टिकट बंटवारे पर पुन: विचार नहीं करती है तो वे सामूहिक इस्तीफा देकर अपने-अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी।

नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने मंगलवार की शाम लिस्ट जारी की है। यह लिस्ट जारी होते ही संगठन के प्रति नाराजगी सामने आई। इस बार अजा महिला के लिए मेयर सीट आरक्षित है और इसी वर्ग के जीती हुई एक महिला पार्षद ही महापौर की दावेदार होगी। ऐसे में भाजपा के महिला सदस्यों में इस बात को लेकर ज्यादा नाराजगी है। टिकट की लिस्ट जारी होने के बाद से ही असंतुष्ट भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त करने लगे थे। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। बताया जा रहा है कि जब अधिकांश महिलाओं के द्वारा इसी तरह से नाराजगी जाहिर होने लगी तो उन्होंने आनन-फानन में इसके लिए महिला मोर्चा की बैठक जिला भाजपा कार्यलय में आयोजित की।

यह बैठक बुधवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुई। बैठक में महिलाओं की नाराजगी देखने लायक थी। महिलाओं का स्पष्ट कहना था कि पार्टी के प्रति हम समर्पित होकर काम कर रहे थे। दरी उठाई, झंडा पकड़ा, नारा लगाया और जब पार्षद टिकट की बारी आई तो गद्दरों को रेवड़ी की तरह टिकट बांटी गई।

वार्ड क्रमांक 37 से दावेदारी करने वाली एक महिला का कहना था कि टिकट को लेकर शुरू से ही वार्ड में मेरा सिंगल नाम था, लेकिन कुछ दिन पहले पार्टी से निलंबित सदस्य को पार्टी में शामिल कराया गया और उन्हें टिकट दे दी गई। उनका कहना था कि जब वे पार्टी में नहीं थी तो सारा काम हम महिलाओं के द्वारा किया जाता था। चाहे कोई भी चुनाव क्यों ना हो।

निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी
इस समय महिलाओं का स्पष्ट कहना था कि लंबे समय पार्टी में सक्रिय रहने के बाद पदाधिकारियों ने ही चुनाव लडऩे के लिए प्रेरित किया था। इसके बाद वार्ड में बैठक लेकर इसकी तैयारी शुरू की गई थी, लेकिन टिकट नहीं दिया गया। ऐसे में अब महिला साथियों के निर्णय अनुसार पार्टी से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ा जाएगा।

पार्टी के लिए काम करने का खामियाजा
नाराज महिलाओं का यह भी कहा था कि वे किसी गुट विशेष से नहीं बंधे थे। वे पूरी निष्ठा के साथ पार्टी का ही काम कर रहीं थीं। पार्टी में पदाधिकारी या सत्ताधारी कोई हो उन्हें सिर्फ पार्टी का ही काम करना था और वे यही काम कर रहीं थीं। इसकी वजह से गुट विशेष के लोगों के अपने-अपने शार्गिदों को उपकृत किया। जबकि वे किसी गुट से नहीं थे ऐसे में उन्हें टिकट नहीं मिला।

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Bhupesh Tripathi
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