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चलती ट्रेन में महिला यात्री ने ऐसा क्या कह दिया कि टीटीई को गुनगुनाना पड़ गया गाना

दुर्ग से राजेंद्र नगर टर्मिनल जा रही साउथ बिहार एक्सप्रेस में एक महिला यात्री, जनरल टिकट के साथ स्लीपर कोच मेंं सफर कर रही थी।
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दुर्ग से राजेंद्र नगर टर्मिनल जा रही साउथ बिहार एक्सप्रेस में एक महिला यात्री,

दुर्ग से राजेंद्र नगर टर्मिनल जा रही साउथ बिहार एक्सप्रेस में एक महिला यात्री, जनरल टिकट के साथ स्लीपर कोच मेंं सफर कर रही थी।

रायगढ़.दुर्ग से राजेंद्र नगर टर्मिनल जा रही साउथ बिहार एक्सप्रेस में एक महिला यात्री, जनरल टिकट के साथ स्लीपर कोच मेंं सफर कर रही थी।

जब रायगढ़ के टीटीई स्टॉफ ने ट्रेन चेकिंग के दौरान महिला यात्री को पकड़ा तो उसने घुंस लेकर, मामले को रफा-दफा करने की पेशकश कर दी। टीटीई ने मजिस्ट्रेअ चेकिंग का हवाला देेते हुए महिला यात्री को तत्काल गाना गाकर नसीहत दी कि सब दिन होत ना है एक सामान, बनवाए टिकट वर्ना देना पड़ेगा जुर्माना...।

टीटीई के इस मिजाज को देख कोच में बैठे अन्य यात्रियों की हंसी छूट गई। ऐेसे में, खुद को शर्मिदा महसूस करते हुए महिला यात्री ने स्लीपर टिकट बनवाने पर मजबूर होना पड़ा।

जब किसी सवाल का जवाब गाने के जरिए टीटीई दे तो सबका ध्यान आकर्षित होना, स्वभाविक हैं। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला शुक्रवार को साउथ बिहार एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में। जहां एक महिला यात्री बिलासपुर से उक्त ट्रेन के स्लीपर कोच में सवार हुई।

बिलासपुर से करीब आधा दर्जन से अधिक टीटीई का दल भी सवार हुआ। उसमें रायगढ़ में पदस्थ कुछ टीटीई भी थे। जो बिलासपुर से ट्रेन को चेक करते हुए रायगढ़ आ रहे थे। टिकट चेकिंग के दौरान वो एक युवती से टिकट की मांग की। युवती ने जनरल टिकट दिखाया तो टीटीई ने स्लीपर टिकट बनवाने को बोला। इसपर युवती ने कुछ ले-दे कर मामले को रफा दफा करने की बात कही।

कुछ देर सोचने के बाद टीटीई ने हिंदी फिल्म के एक चर्चित गाना गुनगुना कर महिला यात्री को कहा कि 'सब दिन होत ना है एक सामान, बनवाईए स्लीपर टिकट, वर्ना देना पड़ेगा जुर्माना...।

टीटीई के इस अंदाज को देखकर कोच में बैठे अन्य यात्री की हंसी छूट गई। इसके बाद बगैर वैध टिकट के सफर व उसके बाद टीटीई को कुछ ले-दे कर मामले को रफा-दफा करने की पेशकश करने वाली युवती को शर्मिंदगी महसूस हुई। उसके बाद उसने टीटीई से कोई सवाल-जवाब किए बगैर स्लीपर टिकट बनावाए। इस बीच काफी देर तक टीटीई के इस नसीहत भरे अंदाज की चर्चा, कोच में बैठे यात्रियों के बीच होती रही।