हाथ देखने के क्रम में उसकी मुलाकात पीडि़त परिवार की बहू चंद्रकला पटेल से हुई। चंद्रकला का हाथ देखने के बहाने कैलाश उसके घर में रखे सामान व पति की नौकरी को देख डकैती की योजना बनाई। वहीं अपने भाई रमेश कुुमार बरिहा 22 वर्ष, दोस्त व कलैंडा सराईपाली निवासी रंजन कुमार पांडे उर्फ माली 32 वर्ष, सत्य कुमार पटेल 28 वर्ष व अन्य के साथ इस घटना को अंजाम दिया। इस घटना में शामिल सत्य, बोलेरो मालिक है। जो डकैती में अपनी गाड़ी को किराया पर देने के साथ खुद भी शामिल था।