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सागौन के जंगल को ठूंठ में बदल रहे लकड़ी तस्कर, कार्रवाई करने से कांप रहे विभाग के हाथ

क्षेत्र में सक्रिय सागौन तस्करों द्वारा लैलूंगा से सटे जामबहार से लेकर भेलवाटोली तक सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में लगे सागौन के जंगलों का सफाया किया जा रहा है।

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सागौन के जंगल को ठूंठ में बदल रहे लकड़ी तस्कर, कार्रवाई करने से कांप रहे विभाग के हाथ

सागौन के जंगल को ठूंठ में बदल रहे लकड़ी तस्कर, कार्रवाई करने से कांप रहे विभाग के हाथ

रायगढ़/लैलूंगा. धरमजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत लैलूंगा सब डिवीजन के विभागीय अधिकारियों की शह पर लकड़ी तस्कर सागौन के जंगलों को ठूंठ में बदलने का काम कर रहे हैं। यहां ठेकेदार द्वारा टीप कटिंग के नाम पर वनों की अंधाधुन कटाई की जा रही है, लेकिन अधिकारियों को उड़ते वनों को लेकर कोई चिंता नहीं है। पिछले दिनों ही यहां बड़े पैमाने पर लकड़ी के गोले काटकर रखे जाने की शिकायत पर सीसीएफ बिलासपुर ने जांच के लिए अपनी टीम भेजी थी, लेकिन इस जांच का क्या हुआ यह भी पता नहीं चला है, इससे अवैध पेड़ कटाई के खेल में लगे लोगों के हौसले बुलंद हैं।

लैलूंगा सब डिवीजन में अब बेशकीमती सागौन पेड़ की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। क्षेत्र में सक्रिय सागौन तस्करों द्वारा लैलूंगा से सटे जामबहार से लेकर भेलवाटोली तक सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में लगे सागौन के जंगलों का सफाया किया जा रहा है। अवैध पेड़ कटाई को लेकर पत्रिका में प्रकाशित खबरों से जागरूक होकर यहां के ग्रामीणों ने लैलूंगा सब डिवीजन में लंबे समय से चल रहे इस गोरखधंधे की जानकारी पत्रिका को दी। पत्रिका की टीम जब सागौन प्लांटेशन बताए जाने वाले क्षेत्र में पहुंची तो देखा कि इस जगह पर सागौन के पेड़ों के ठूठ नजर आ रहे हैं। लकड़ी तस्करों ने पेड़ों को काटने के बाद शेष बचे ठूंठ को छिपाने के लिए इन्हें कुछ जगह फेंक कर उसमें मिट्टी पाट दिया है तो कुछ जगह पत्तों से ढक दिया है।

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गौरतलब है कि लैलूंगा भेलवाटोली मुख्य सड़क पर स्तिथ इस प्लांटेन्सन पर विभाग द्वारा लाखो रुपए खर्च कर कंटीले तारो की बाड़ लगाई गई है, लेकिन वन अमले की निष्क्रियता से के चलते लकड़ी तस्करों द्वारा इसे जगह जगह से उखाड़ दिया गया है। कई स्थानों पर तो चोर रास्तों के जरिए पेड़ कटिंग कर बोंगिया पार की जाती हैं। ऐसे में लैलूंगा वन अमले की निष्क्रियता को लेकर वनों की रक्षा हेतु नियुक्त कुम्भकर्णी नींद में गाफिल विभागीय अधिकारी कर्मचारियों समेत वन समितियों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

इस संबंध में लोगों ने बताया कि क्षेत्र में सागौन की अवैध कटाई एवं इसकी चिराई कर तस्करों द्वारा इसकी खरीद फरोख्त का ये गोरखधंधा एक लंबे अरसे से चल रहा है और लैलूंगा पत्थलगांव के कुछ तस्करों द्वारा गांव के ही कुछ लोगों से पेड़ कटवा कर पहले इसकी बोगियां काट कर इसकी चिराई की जाती है। चिरान के बाद इस लकड़ी को लोगों से औने पौने भाव में खरीद कर उसे अलग-अलग रास्तों से रातों रात दुपहिया एवं चारपहिया वाहनों के जरिए ठिकाने लगाया जाता है। लोगों ने बताया कि यहां इसके लिए बाकायदा टीम वर्क चलता है और प्लांटेशन में कटिंग के लायक हो चुके पेड़ों को कटाई में शामिल लोगों द्वारा आपस में पेड़ों का बंदरबांट कर लिया जाता है।
दबंग माफिया के डर से सब हैं चुप
भेलवाटोली एवं खम्हार के कुछ ग्रामीणों ने बताया कि फर्नीचर मार्ट से जुड़ा भेलवाटोली का एक दबंग व्यक्ति इस गोरखधंधे में काफी अरसे से शामिल है। उसके द्वारा पत्थलगांव में बाकायदा फर्नीचर मार्ट चलाया जा रहा है। इस प्लांटेशन से अवैध कटार्ई की आधे से अधिक लकड़ी वहीं खपाई गई है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने इसे लैलूंगा के लोगों काटा जाना बताया है।

फर्नीचर मार्ट में खपायी जाती है चिरान
ग्रामीणों ने बताया कि इस धंधे में लंबे अरसे से सक्रिय दलालों द्वारा लकड़ी को फर्नीचर मार्ट की दुकानों में खपा दिया जाता है। इसके बाद व्यापारी इससे फर्नीचर बनाकर उसे ऊंचे दामों में बेचता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह गोरखधंधा वन रक्षकों की मिलीभगत से लंबे अरसे से चल रहा है। उनके द्वारा सड़क किनारे लगे पेड़ों को छोड़ दिया जाता है, जिससे किसी को इसका पता न चले। मौका मुआयना करने पर साफ पता चल रहा है कि यहां कितने पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जाती है।

- इस बारे में डीएफओ धरमजयगढ़ से जानकारी ली जाएगी। यदि ऐसा तो तो टीम भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। समय मिला तो मैं खुद दौरा कर इसे देखूंगा- अरुण पाण्डेय, सीसीएफ बिलासपुर

-इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद संबंधित प्लांटेशन की छानबीन कराई जा रही है। अभी तक पुराने ठूंठ ही मिले हैं। उनकी मार्किंग की गई है। नई पदस्थापना की वजह से मुझे प्लांटेशन की पुरी जानकारी नहीं है। इसके बाद भी इसके लिए अभियान चला कर मामले की पतासाजी की जा रही है- जीआर ठाकुर, रेंजर लैलूंगा