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छत्तीसगढ़ में पहली बार साहू समाज की युवती बनने जा रही जैन साध्वी, रायपुर में लेंगी दीक्षा

मनीषा साहू धमतरी की रहने वाली है. रायपुर के जैन दादाबाड़ी में आचार्य विजयराज सागर की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करेंगी. उन्होंने 2 साल पहले जैन संयम पथ पर जाने की इच्छा जताई थी, बचपन से ही वे धार्मिक स्वभाव की रही है.

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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में साहू समाज की 29 वर्षीया मनीषा साहू जैन साध्वी बनने जा रही है. छतीसगढ़ में ऐसा पहली बार होगा कि कोई साहू समाज की युवती जैन समाज के सिद्धांतों को मानते हुए संयम पथ पर बढ़ते हुए दीक्षा लेने जा रही है. मनीषा साहू धमतरी की रहने वाली है. रायपुर के जैन दादाबाड़ी में आचार्य विजयराज सागर की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करेंगी. उन्होंने 2 साल पहले जैन संयम पथ पर जाने की इच्छा जताई थी, बचपन से ही वे धार्मिक स्वभाव की रही है.

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मनीषा के पिता राइस मिलर है. उन्होंने बताया कि मनीषा शुरू से ही धार्मिक स्वाभाव की रही है. पूजा-पाठ में हमेशा से ही रूचि थी. इसी दौरान शादी के लिए रिश्ते भी आए पर मनीषा ने इनकार कर दिया. पहले परिवार वालों ने बेटी मनीषा को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन अब उसकी खुशी और संतुष्टि के लिए वे भी इसके लिए मान गए हैं. उन्होंने कहा कि सालभर पहले बेटी मनीषा साहू की शादी के लिए रिश्ता भी आया था, लेकिन उसने ठुकरा दिया. उसने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेते हुए साध्वी बनने की इच्छा बता दी.

मुमुक्षु मनीषा साहू के पिता मिथिलेश साहू राइस मिलर हैं. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को बचपन से ही धार्मिक कार्यों में रुचि थी. वो काफी देर तक पूजा-पाठ भी करती थी, लेकिन सबसे ज्यादा बदलाव उसमें कोरोना महामारी के दौरान आया. इसी दौरान वो जैन साध्वियों के संपर्क में आई और उनकी बातों से प्रभावित हुई. इसके बाद उसने 2 साल पहले ही अपने माता-पिता के सामने साध्वी बनकर वैराग्य का मार्ग चुनने का मन बनाया था.