24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Breaking : घात लगाए नक्सलियों व BSF की बटालियन के बीच हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में हुए नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ में दो जवान शहीद

2 min read
Google source verification
naxal attack

Breaking : घात लगाए नक्सलियों व BSF की बटालियन के बीच हुई मुठभेड़ में दो जवान शहीद

रायपुर. आज सुबह फिर एक बार नक्सलियों के आतंक से कांकेर का दिल दहल उठा। आज तडक़े सुबह पौने चार बजे हुई बीएसएफ के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में बीएसएफ के दो जवानों के शहीद होने की और तीन जवानों के घायल होने की खबर आ रही है। यह घटना प्रतापपुर के जंगल में हुई।

READ MORE: फिर दहला कांकेर, नक्सलियों के आइइडी ब्लास्ट से पेड़ पर जा अटकी बाइक, दो जवान शहीद

खबर के मुताबिक आज सुबह पौने चार बजे प्रतापपुर के माहला जंगल में बीएसएफ के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। नक्सलियों द्वारा रूक- रूक कर फायरिंग की जा ही थी, जिसके जवाब में जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए एवं अन्य तीन जवान घायल हो गए। शहीद जवान राजस्थान के लोकेन्द्र सिंह व पंजाब के मुख्तियार सिंह जो बीएसएफ के 175 बटालियन के जवान हैं। जवानों के शहीद होने की पुष्टि कांकेर के एसपी केएल ध्रुव ने की। शहीद जवानों को कांकेर जिला अस्पताल लाया जा रहा है साथ ही घायल जवानों को प्रतापपुर बीएसएफ कैंप से हेलिकॉप्टर द्वारा रायपुर रेफर किया जा रहा है।

READ MORE: अब कांकेर में लाल आतंक, नक्सलियों ने बीजेपी सासंद के फार्म हाउस में किया धमाका, देखिए ब्लास्ट के बाद का नजारा

मिल रही जानकारी के मुताबिक बीएसएफ 175 बटालियन के जवान सुबह सर्चिंग पर निकले थे तब प्रतापपुर के पास माहला जंगल में जब घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर हमला किया। जवानों की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। जंगल की ओर से रूक रूककर हो रही फायरिंग में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए।

READ MORE: इससे पहले भी दहल चुका है छत्तीसगढ़, जानिए 10 सबसे बड़े नक्सली हमले के बारे में

कुछ समय से कांकेर में नक्सलियों का आतंक दोबारा सक्रिय होता जा रहा है। कुछ दिनों पहले नक्सलियों ने सर्चिंग पर निकली बीएसएफ की टीम पर आइइडी ब्लास्ट किया था जिसमें बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए। यह घटना कांकेर के कोयलीबेड़ा के पास हुई थी।