
घोटाला (photo-unsplash)
CG Text Book Corporation Printing Scam: छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम (पापुनि) में 3 करोड़ 61 लाख 99875 रुपए के घोटाले में तत्कालीन महाप्रबंधक सुभाष मिश्रा, उप प्रबंधक मुद्रण टेक्निशियन संजय पिल्ले, छत्तीसगढ़ पैकेज प्राइवेट लिमिटेड के मुद्रक नंद गुप्ता और प्रमोद एंड कंपनी के संचालक युगबोध अग्रवाल के खिलाफ 2000 का चालान पेश किया गया है। ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2009-10 में हुए घोटाले की जांच करने के बाद विशेष न्यायालय में गुरुवार को चालान पेश किया।
इसमें बताया गया है कि किस तरह से सभी ने संयुक्त रूप से मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा किया और शासन को नुकसान पहुंचा। दस्तावेजों में हेरा फेरी कर अपने करीबी लोगों को अधिकारियों ने पुस्तक छपाई और मुद्रण का कार्य दिया गया। घोटाले के बाद 2013 में धोखाधड़ी, कूटरचना एवं अन्य धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था।
जांच के दौरान पता चला कि अधिकारियों ने मुद्रण कार्य में करीबी प्रिंटिंग कार्य करने वाले मुद्रकों को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए निविदा शर्तों का उल्लंघन करते हुए उन्हें टेंडर जारी कर छपाई का काम सौंपा था।
पाठ्यपुस्तक निगम घोटाले में तत्कालीन प्रबंध संचालक खिलाफ जांच करने के बाद साक्ष्य संकलित किए जा चुके हैं। राज्य सरकार से अभियोजन स्वीकृति लेने पत्राचार किया गया है। अनुमति मिलते ही धारा 173 (8) आईपीसी के तहत चालान पेश किया जाएगा।
पापुनि ने वर्ष 2009-10 में रायपुर में एमजीएमएल कार्ड्स क्लास 3-4 के मुद्रण कार्य में नियमों एवं निविदा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मेसर्स प्रबोध एण्ड कम्पनी रायपुर को हिन्दी एवं गणित विषय के कार्ड्स 8000-8000 सेट के लिए 3,82,89,600 रुपए तथा मेसर्स छत्तीसगढ़ पैकेजर्स भिलाई को पर्यावरण विषय के 8000 कार्ड्स सेट 2,04,15,040 रुपए कुल 5,87,04,640 रुपए मुद्रकों को डाई कटिंग सहित भुगतान किया गया।
जबकि डाई कटिंग की राशि को छोड़कर पापुनि रायपुर द्वारा केवल 1,83,95,440 रुपए का भुगतान मुद्रकों को किया जाना था। लेकिन पापुनि के अधिकारियों ने 4,03,09,200 रुपए का अधिक भुगतान मुद्रकों को किया गया।
Updated on:
04 Aug 2025 09:33 am
Published on:
01 Aug 2025 08:16 am
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