
मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर।
रायपुर. नक्सलियों का सफाया करने के लिए सीआरपीएफ की 4 नई बटालियन पहुंच गई है। रायपुर स्थित मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद सभी 4000 जवानों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। वहीं एक अन्य बटालियन का इंतजार किया जा रहा है। उसके जल्दी ही झारखंड से आने के संकेत मिले हैं। उनके आने के बाद बस्तर के लिए रवाना किया जाएगा।
बताया जाता है कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल से 2 और बिहार से 2 बटालियन सप्ताहभर पहले ही पहुंची है। इन सभी को सड़क मार्ग द्वारा बड़े ही गोपनीय रूप से विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रो में भेजा गया है। बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अतिरिक्त फोर्स के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था। इसके बाद 5 अतिरिक्त बटालियन को भेजने के निर्देश दिल्ली स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय को दिए गए थे।
यहां होगा प्रशिक्षण
सीआरपीएफ की नई बटालियन के आने के बाद सभी के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें जंगलवार फेयर कॉलेज कांकेर, बीजापुर और बारासूर स्थित प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है। यहां महीनेभर तक सभी को भौगोलिक स्थिति, हमले का पैटर्न, सक्रिय नक्सलियों का संख्या और उपयोग किए जाने वाले विस्फोटकों सहित स्थानीय बोली, रिहायशी इलाके के संबंध में जानकारी दी जाएगी। महीनेभर प्रशिक्षण के बाद सभी को माओवादी मोर्चे पर तैनात किया जाएगा।
बता दें कि इस समय राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबल के करीब 68000 जवान तैनात है। इसमें सबसे अधिक सीआरपीएफ के करीब 32000, आईटीबीपी के 8000, बीएसएफ के 8000, छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स के 20000 और अन्य केंद्रीय फोर्स के जवान शामिल है।
तैनाती का खाका तैयार
राज्य के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और अबूझमाड़ इलाके के तैनात किए जाने के संकेत मिले है। संभावित इलाकों का जमीनी स्तर पर चिन्हांकित करने के बाद राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी इसका मंथन करने में जुटे हुए है। ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नई बटालियन के लिए राशन से लेकर रसद तक की व्यवस्था कर ली गई है।
Published on:
25 Nov 2020 02:04 pm
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