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राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का परिवार सहित 40 ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे, बोले-मेरे पास पूरे कागजात, कैसे गायब हो गई जमीन

बैगा परिवार की जमीन अब सरकारी रिकार्ड में दर्ज, विरोध कर रहा परिवार  

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राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का परिवार सहित 40 ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे, बोले-मेरे पास पूरे कागजात, कैसे गायब हो गई जमीन

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का परिवार सहित 40 ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे, बोले-मेरे पास पूरे कागजात, कैसे गायब हो गई जमीन

जनकपुर . राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा प्राप्त विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार को आवंटित पांच एकड़ जमीन में से तीन एकड़ गायब होने के मामले में तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन देने ग्रामीण भी पहुंचे हैं।
एमसीबी जिले के जनकपुर का मामला है। पीडि़त परिवार के पास वर्ष 1935 का रिकॉर्ड है। जहां बरसों से काबिज बैगा परिवार की जमीन को गायब कर दी गई है। गेंदलाल बैगा और पवन कुमार बैगा ने रिकॉर्ड दिखाकर बताया कि सन् 1934,35 के दस्तावेज में यह जमीन, खसरा क्रमांक 161.1 उनके परदादा लोधियाराम बैगा के नाम दर्ज है। लेकिन आवंटित जमीन में से तीन एकड़ गायब हो गई है। मामले में नाराज होकर पीडि़त परिवार ने तहसील कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया है। बैगा परिवार को ग्रामीण को समर्थन मिलने लगा है। अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के पहले दिन दर्जनों ग्रामीण पहुंचे और साथ बैठकर प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। पीडि़त परिवार ने बताया कि लोधियाराम बैगा के दो बेटे शुक्लाराम बैगा व चैताराम बैगा हैं। जो हमारे दादा हैं। जिन्हें शासन द्वारा 5.5 एकड़ जमीन का पट्टा दिया गया। शुक्लाराम के बेटे प्रेमलाल बैगा के नाम वर्ष 1974.75 में 5 एकड़ जमीन थी। लेकिन वर्ष 2006 में अपना रिकॉर्ड निकलवाया, तब पता चला कि उसकी 5 एकड़ की जमीन अब मात्र 2 एकड़ ही बची है। साथ ही नया खसरा नंबर 695,1 कर दिया गया है। जिस जमीन पर मेरा पुराना घर बना हुआ है और हमारे दो.तीन पुस्त रहते आए हैं। जिसे शासकीय जमीन घोषित कर दिया गया है। साथ ही जमीन को शासकीय काम के लिए आवंटित कर दिया गया है। मामले में बेदखली का नोटिस दिया गया था। एसडीएम भरतपुर और तहसीलदार अपने दल बल बेदखल करने पहुंचे थे। मौके पर प्रेमलाल ने अपने दस्तावेज एसडीएम को दिखाए,तब बेदखली की कार्रवाई नहीं हुई थी।
पीडि़त परिवार ने आठ दिन का दिया था अल्टीमेटम
पीडि़त परिवार के सदस्य गेंदलाल बैगा का कहना है कि एसडीएमए तहसीलदार को शिकायत कर त्रुटि सुधार कराने गुहार लगा चुके हैं। बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी जमीन का कोई भी निराकरण नहीं निकल पाया है और ना ही किसी प्रकार से त्रुटि सुधार किया गया है। मामले में राजस्व विभाग को पत्र लिखकर 8 दिन के भीतर त्रुटि सुधार नहीं करने पर भूख हड़ताल पर बैठने अल्टीमेटम दिया गया है। निर्धारित तिथि बीतने के बाद परिवार सहित जनकपुर तहसील के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।