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चलती ट्रेन में चढ़ते समय छूट गया मासूम का हाथ और ऊपर से निकल गई साउथ बिहार एक्सप्रेस की 5 बोगियां, फिर…

मासूम चलती ट्रेन में चढऩे के दौरान साउथ बिहार एक्सप्रस के नीचे गिर गया। उसके ऊपर से ट्रेन की 4-5 बोगिया सरक गई।

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चलती ट्रेन में चढ़ते समय छूट गया मासूम का हाथ और ऊपर से निकल गई साउथ बिहार एक्सप्रेस की 5 बोगियां, फिर...

रायपुर/रायगढ़. छत्तीसगढ़ में पिंड दान के लिए बिहार जा रहे एक परिवार की धडक़ने उस समय रुक गई जब उनका मासूम चलती ट्रेन में चढऩे के दौरान साउथ बिहार एक्सप्रस के नीचे गिर गया। उसके ऊपर से ट्रेन की 4-5 बोगिया सरक गई। लोगों का कलेजा उनकी हलक में आ गया था, पर जैसे ही ट्रेन गुजरी तो बच्चा सुरक्षित था और उसे मामूली चोट ही आई थी। ट्रेन को रोक कर मौत को मात देने वाले मासूम को जैस-तैसे बाहर निकाला गया। उसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

जाको राखे साईया, मार सके ना कोई... मंगलवार को रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर यह कहावत चरितार्थ होते हुए सैकड़ों यात्रियों ने अपनी आंखों से देखा। मामला साउथ बिहार एक्सप्रेस में सफर कर रहे महासमुंद के दुबे परिवार से जुड़ा हुआ है। जो पिंड दान करने के लिए बिहार के गया जिला जा रहे थे। ट्रेन के रायगढ़ में रुकने के दौरान श्याम नारायण दुबे व उनका 8 साल का बेटा अक्षय दुबे , पानी पीने के लिए रायगढ़ स्टेशन पर उतरे। पर पानी भरने वालों की भीड़ के बीच उन्हें पानी पीने व सामान खरीदने में देरी हो गई।

चलती ट्रेन में पिता-पुत्र द्वारा चढऩे की कोशिश के बीच पिता के हाथ से बेटे का हाथ छूट गया। जिसकी वजह से बेटा ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच वाले गैप में चला गया। इस बीच ट्रेन चल रही थी।

जब तक लोग, शोर मचा कर ट्रेन को रोकते। आरक्षित कोच की 4-5 बोगियां मासूम के उपर से गुजर चुकी थी। ऐसे में, अनहोनी की आशंका के बीच जब पत्थलगांव निवासी गुरुचरण सिंह भाटिया व उनकी पत्नी ने नीचे देखा तो मासूम गिरा हुआ पाया। जिसे जैते-तैसे भाटिया दंपत्ति ने बच्चे को बाहर निकाला।

मासूम के ऊपर से ट्रेन की बोगियां गुजरने के बाद पीडि़त परिवार काफी सदमें में था। वहीं उनके सामने पहली प्राथमिकता घायल मासूम का इलाज कराना था। ऐसी स्थिति में पीडि़त परिवार ने बीच में अपना सफर छोडऩे का मन बताते हुए पहले मासूम का इलाज कराया। देर शाम जब उसे अस्पताल से छुट्टी मिली। तब वो लोग ट्रेन बदल कर रायगढ़ से टाटा व टाटा से बिहार के गया के लिए रवाना हो गए।