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बेल्ट के भार से 76% पुलिसवालों की कमर में दर्द

- लो बैक पेन से जूझ रहे 62% पुलिसकर्मी यंग एडल्ट यानी 18 से 35 वर्ष के

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बेल्ट के भार से 76% पुलिसवालों की कमर में दर्द

बेल्ट के भार से 76% पुलिसवालों की कमर में दर्द

रायपुर@पत्रिका. रायपुर जिले में तकरीबन साढ़े तीन हजार पुलिसवाले हैं। इनमें से 2232 कर्मचारी बीते एक साल में इलाज के लिए पुलिस जिला चिकित्सालय पहुंचे। इनमें से 76% कर्मचारियों में एक समस्या सामान्य थी। वो है लोक बैक पेन। मतलब राजधानी पुलिस कमर दर्द से परेशान है। इनमें से 62 फीसदी पुलिसकर्मी यंग एडल्ट ग्रुप के हैं। यानी 18 से 35 वर्ष के बीच। दर्द की बड़ी वजह फील्ड ड्यूटी के साथ उस बेल्ट का भार भी है जिसमें पुलिसवाले गन और हथकड़ी लटकाते हैं।

ये बातें रायपुर जिला पुलिस चिकित्सालय में किए गए एक शोध में सामने आई है। इसके तहत सालभर में अस्पताल आने वाले मरीजों पर रिसर्च किया गया। बीते एक साल में यहां 2232 ओपीडी पेंशेंट पहुंचे। इनमें से सबसे ज्यादा 1932 लोगों ने कमर दर्द की समस्या बताई। शोध करने वाले फिजियोथैरेपिस्ट डाॅ. रवि तिवारी ने बताया कि ओपीडी आने वाले कमर दर्द के शिकार 76% पुलिसवालों में सबसे ज्यादा 55% पुरुष और 45% महिला कर्मचारी थीं। एज ग्रुप की बात करें तो 62 फीसदी 18 से 35 वर्ष के बीच वाले यंग एडल्ट और 38% मिडिल एडल्ट ग्रुप यानी 36 से 52 वर्ष के बीच के थे। शोध में यह भी पता चला कि कमर दर्द का कारण पुलिसवालों के कामकाज के साथ बेल्ट का बोझ भी है। गन, हथकड़ियां और दूसरी जरूरी चीजें लटकाने से बेल्ट का भार बढ़ता है जो कमर का पोस्चर बिगड़ता है। धीरे-धीरे यही दर्द का कारण भी बनता है।

ट्रैफिक कंट्रोलिंग और पेट्रोलिंग करते, कमर दर्द का शिकार हो रहे हैं कर्मचारी

पुलिसवालों को ये समस्या किन कारणों से आ रही है, रिसर्च में इसके बारे में भी विस्तार से बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बहुत से पुलिसवाले ट्रैफिक कंट्रोल करने के दौरान घंटों चौक-चौराहों पर एक ही जगह खड़े रहते हैं। पेट्रलिंग ड्यूटी के दौरान घंटों गाड़ी में सफर करते हैं। वाहन का वाइब्रेशन कमर को प्रभावित करता है। इसके अलावा अनियमित जीवनशैली भी कमर दर्द का बड़ा कारण बनकर उभरी है। काम और आराम का समय लगातार बदलते रहने से भी ये समस्या आती है।

पीसीआर में डोनट पिलो रखें, ज्यादा देर खड़े रहने एक पैर को आराम दें

डॉ. रवि ने बताया कि कुछ उपायों को अपनाकर पुलिसवाले कमर दर्द से बच सकते हैं। पीसीआर में ड्यूटी करने वाले अपनी सीट पर डोनट पिलो रखकर बैठें। गाड़ी का वाइब्रेशन पिलो ऑब्जर्व कर लेगा तो कमर दर्द की समस्या नहीं आएगी। ज्यादा देर कहीं खड़े रहना है तो एक पैर को आराम दें। अपनी पोजिशन हर 20 मिनट मेें चेंज करें। एक ही जगह पर ज्यादा देर तक खड़े न रहें। बठने के मामले में भी यही फॉर्मूला काम करेगा।