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भ्रष्टाचार: जल संसाधन विभाग के प्रभारी ने 8.67 करोड़ रुपए का किया फर्जी भुगतान, सस्पेंड

इस फर्जीवाड़े की शिकायत जल संसाधन विभाग के मंत्री रविंद्र चौबे तक भी पहुंची थी. उसके बाद मामले की शुरुआती जांच के बाद ग्रायकर को निलंबित किया गया है. जल संसाधन विभाग ने मामले की भी सिफारिश की है.

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बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के जलसंसाधन विभाग संभाग क्रमांक 02 रामानुजगंज अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में वर्ष 2022-23 में भू-अर्जन की राशि में करप्शन की शिकायत हुई. जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन अभियंता-EE संजय कुमार ग्रायकर ने योर सेल्फ चेक के जरिए 8 करोड़ 67 लाख रुपए का फर्जी भुगतान व्यक्तिगत खाते में किया है. इस मामले में में विभाग के अवर सचिव ने प्रभारी कार्यपालन अभियंता संजय ग्रायकर को सस्पेंड कर दिया है.

बता दें की अधिकारी ने भू-अर्जन का पैसा विभिन्न फर्मों के व्यक्तगत खाते में योर सेल्फ चेक के जरिए डालना शुरू किया. विभाग ने निलंबन आदेश में 8 करोड़ 67 लाख रुपए के फर्जी भुगतान का जिक्र किया है. फर्मों के व्यक्तिगत खाते से यह रकम इंजीनियर और उसके परिजनों, रिश्तेदारों के खाताें में ट्रांसफर की गई है. इस फर्जीवाड़े की शिकायत जल संसाधन विभाग के मंत्री रविंद्र चौबे तक भी पहुंची थी. उसके बाद मामले की शुरुआती जांच के बाद ग्रायकर को निलंबित किया गया है. जल संसाधन विभाग ने मामले की भी सिफारिश की है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया सस्पेंड
कुछ समय पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के लिए रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे थे. तब ही जल संसाधन विभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता उमाशंकर राम की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने भरी सभा में उन्हें सस्पेंड करने का निर्देश दिया था.

वित्तीय अनियमितता के आरोप में हुए सस्पेंड
विभाग में वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अंतर्गत उल्लंघन की वजह से संजय ग्रायकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान सस्पेंड अधिकारी को जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. शिकायत थी कि, कनहर परियोजना के भू-अर्जन के मुआवजा मामले में EE ने लापरवाही की है. इसकी वजह से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया. उमाशंकर राम पर पाइप खरीदी घोटाले में शामिल होने का भी आरोप है.